भाजपा नेता राजीव जैन ने टिकट कटने के बाद अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा भारतीय जनता पार्टी का झंडा बुलंद किया है, और आज भी उनके घर पर भाजपा का झंडा लहरा रहा है। रविवार को मुरथल रोड स्थित बैंक्वेट हॉल में समर्थकों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजीव जैन ने कहा कि उन्होंने पार्टी हाईकमान से दो दिन का समय मांगा है और समर्थकों के फैसले पर निर्णय छोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि 21 सदस्यीय कमेटी विचार-विमर्श कर जो भी निर्णय लेगी, वह उन्हें मान्य होगा।
राजीव जैन और पूर्व कैबिनेट मंत्री कविता जैन ने अपने समर्थकों के साथ भाजपा को दिए गए अल्टीमेटम के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि उन्हें टिकट का लालच नहीं है, लेकिन जो लोग सालों से भाजपा के लिए मेहनत कर रहे हैं, उनके बारे में भी पार्टी को सोचना चाहिए था। उन्होंने ललित बत्रा, पवन बत्रा, और योगेश पाल का नाम लेते हुए कहा कि वे पीढ़ियों से पार्टी को समर्थन देते आए हैं और उनमें से किसी को भी टिकट मिलना चाहिए था, जिससे इस विरोध सभा की जरूरत न पड़ती।
जैन ने कहा कि वह चाहते हैं कि पार्टी के वास्तविक कार्यकर्ताओं को उनका हक मिले। उन्होंने यह भी कहा कि तीन महीने पहले आए किसी व्यक्ति को टिकट देना कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। जैन ने अपने समर्थकों से कहा कि वह तभी सफल होंगे जब उनका साथ और आशीर्वाद बना रहेगा। उन्होंने कहा कि जब जनता किसी का चुनाव लड़ती है, तो उसके आगे सभी पार्टियां फेल हो जाती हैं, और यह बयान उनकी नाराजगी और जनता के समर्थन की शक्ति को दिखाता है।