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ओलावृष्टि का संकट : 19087 एकड़ में 76 से 100 फीसदी फसल जमींदोज

Wed, 06 Mar 2024 12:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। तीन दिन पहले हुई ओलावृष्टि से नुकसान के निशान अब दिखाई देने लगे हैं। कृषि विभाग की ओर से ओलावृष्टि से हुए नुकसान की सर्वे रिपोर्ट सामने आई है। इसके तहत जिले में 93732 एकड़ भूमि में फसल प्रभावित हुई है। इनमें से 19087 एकड़ भूमि में 76 से 100 फीसदी तक का नुकसान है।
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गेहूं और सरसों की फसल में काफी नुकसान हुआ है। 4 हजार एकड़ भूमि में गन्ने की फसल में 25 फीसदी तक फसल प्रभावित हुई है। कृषि विभाग ने सर्वे रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। करीब 233 एकड़ मक्का की फसल में 26 से 50 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। 1 एकड़ जौ में 76 से 100 प्रतिशत नुकसान हुआ है।

जिले में 2 मार्च को बारिश के साथ ही ओलावृष्टि हुई थी। इसमें सोनीपत ब्लाक में 15, राई में 12 एमएम व खरखौदा क्षेत्र में 10 एमएम बारिश हुई थी। बारिश व ओलावृष्टि के कारण रबी की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। नुकसान के आकलन के लिए कृषि विभाग की टीमें फील्ड पर सर्वे करने के लिए उतरी थी। इसकी रिपोर्ट जारी की गई है। साथ ही मंगलवार को फसल खराबा को लेकर कृषि उपनिदेशक कार्यालय में अधिकारियों की बैठक भी आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करें। किसान 15 मार्च तक मुआवजे के लिए अपना पंजीकरण क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अवश्य करें।
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गेहूं की फसल में हुआ नुकसान

एकड़


फीसदी

17065


76-100

19635


51-75

40563


26-50

5798


0-25

सरसों की फसल में नुकसान

एकड़ फीसदी
2021



76-100

2340



51-75

1577



26-50

423



0-25

जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तक लागू नहीं
मौसम की वजह से फसलों में होने वाले नुकसान से किसानों को सुरक्षित रखने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सोनीपत जिले में लागू नहीं कर रखी है। खरीफ सीजन के बाद वर्तमान रबी सीजन के लिए भी सोनीपत जिले में कोई कंपनी योजना के तहत नहीं जुड़ी। इसके चलते किसानों के फसल का बीमा नहीं हो पाया। ऐसे में किसानों को अब मुआवजे के लिए पूरी तरह से क्षतिपूर्ति पोर्टल पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। जहां किसानों को अधिकतम 5 एकड़ के लिए ही मुआवजा दिया जा सकता है। किसानों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जिस भी खेत में नुकसान हुआ है, प्रत्येक खेत के लिए मुआवजा जारी किया जाए।

वर्जन

ओलावृष्टि की वजह से फसलों में हुए नुकसान का सर्वे करवाया गया है। सर्वे में 93732 एकड़ भूमि में नुकसान की बात सामने आई है। रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। अधिकारियों के साथ बैठक करके किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्योरा और क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।
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