सोनीपत। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसान अपनी फसल का पंजीकरण करने में रुचि नहीं दिखा रहे, जबकि कृषि विभाग 100 फीसदी फसल पंजीकरण करने के प्रयास में जुटा हुआ है। रबी सीजन में अभी तक जिले के 27350 किसानों ने अपनी 1.77 लाख एकड़ भूमि का ही पंजीकरण करवाया है। इसमें गोहाना खंड के किसान सबसे आगे हैं जबकि राई खंड के किसान रुचि नहीं दिखा रहे। कृषि विभाग ने किसानों को जागरूक करने के लिए खंड स्तर नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं।
रबी सीजन में किसानों ने गेहूं, सरसों, जौ व चना की फसलें उगाई गई हैं। मार्च माह के अंतिम दिनों में रबी सीजन की फसलों की कटाई प्रक्रिया शुरू हो जाती है। जिले में एक अप्रैल से रबी खरीद सीजन की शुरुआत कर दी जाती है। ऐसे में सरकार केवल उन किसानों की फसल ही खरीदती है, जिन्होंने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी फसलों का पंजीकरण करवाया है। पोर्टल कभी भी बंद हो सकता है। ऐसे में कृषि विभाग ने ने फसल पंजीकरण का 100 फीसदी लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके लिए शिविर लगाकर किसानों को जागरूक किया जाएगा।
गोहाना अव्वल तो राई पिछड़ा
सोनीपत जिले में अब तक 1.77 लाख एकड़ भूमि पर उगी फसलों का ही पंजीकरण करवाया गया है। खंड स्तर पर सबसे अधिक पंजीकरण गोहाना के किसानों ने किया है। यहां 59 हजार एकड़ भूमि पर उगी फसल का पंजीकरण पोर्टल पर किया गया है। जबकि सबसे कम राई खंड के किसानों ने करवाया है। यहां महज 10154 एकड़ भूमि में उगी फसलों का पंजीकरण करवाया गया है।
बढ़ी किसानों की परेशानी
पोर्टल पर पंजीकरण करवाने के लिए इस बार परिवार पहचान पत्र को भी अनिवार्य किया गया है। इन नियमों के बाद ऐसे किसानों की परेशानी बढ़ गई है, जिनकी जमीन को सोनीपत जिले में हैं, लेकिन वह दिल्ली, उत्तर प्रदेश या कहीं और रहते हैं। ऐसे किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कृषि विभाग की तरफ से कार्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित किया है।
वर्जन
किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोटर्ल पर पंजीकरण करवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। खंड स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए है। सरकारी खरीद के साथ कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल पंजीकरण जरूरी है।
डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत
12जेएनडी36 : दातासिंह वाला बॉर्डर पर सड़क के बीच तैनात की गई पुलिस। संवाद
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