सोनीपत। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 3 अक्तूबर से शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं। श्रद्धालु नवरात्र के नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना कर व्रत धारण करेंगे।
श्री देवी चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित राजेश शौनक ने बताया कि श्रद्धालु वर्ष भर में चार बार नवरात्र मनाते हैं, लेकिन शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व है। मां दुर्गा ने इन नौ दिनों के युद्ध के पश्चात महिषासुर नाम के राक्षस का संहार किया था। नवरात्र के दसवें दिन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक दशहरा पर्व मनाया जाता है। नवरात्र के नौ दिनों तक मां दुर्गा उनकी आराधना करने वाले भक्तों विशेष कृपा करती हैं। व्रत रखकर पूजा-अर्चना करने से श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। 3 अक्तूबर को सुबह 6:17 से 7:47 और 10:42 से 12:11 बजे तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त रहेगा। श्रद्धालु कलश स्थापित कर व्रत प्रारंभ कर सकते हैं।
नवरात्र के नौ दिन व स्वरूप का महत्व
-प्रथम शैलपुत्री : धन, रोजगार व स्वास्थ्य के लिए
-द्वितीय ब्रह्मचारिणी : जीवन में सफलता के लिए
-तृतीया चंद्रघंटा : आत्म कल्याण व शांति के लिए
-चतुर्थ कूष्मांडा : सफलता व सुखी जीवन के लिए
-पंचम स्कंदमाता : शक्ति संचार के लिए
-षष्ठी कात्यायनी : रोगों से मुक्ति पाने के लिए
-सप्तमी कालरात्रि : आलौकिक शक्तियों व तंत्र-मंत्र सिद्धि के लिए
-अष्टमी महागौरी : पाप से मुक्ति, आत्म सफलता के लिए
-नवमी सिद्धिदात्री : जीवन की सभी सफलताओं के लिए
फोटो 43- सोनीपत के श्री देवी चिटाने वाली माता मंदिर में सजा मां का दरबार। स्रोत : समिति