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Sonipat: सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला, पीड़िता के माता-पिता ने दोषियों के लिए मांगी फांसी

Tue, 13 Dec 2022 07:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, सोनीपत

सार

मामले में पीड़िता के माता-पिता अपने अधिवक्ताओं के साथ सोमवार को कोर्ट परिसर में पहुंचे। उन्होंने हाथ में तख्ती ली हुई थी। जिस पर लिखा था कि मेरी बेटी के हत्यारों को फांसी दो। मेरी बेटी को इंसाफ दो। न्यायपालिका मुझे इंसाफ दो।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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युवती से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के बहुचर्चित मामले में अब 16 दिसंबर की सुनवाई होने के बाद फैसला आएगा। अदालत मामले में दो आरोपियों को दोषी करार दे चुकी है। अपहृत युवती की सामूहिक दुष्कर्म के बाद रोहतक में निर्मम हत्या कर दी गई थी। पीड़िता के माता-पिता ने कोर्ट परिसर में पहुंचकर दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग उठाई।

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पुलिस ने रोहतक की पार्श्वनाथ सिटी में युवती का शव बरामद किया था। उसकी शिनाख्त सोनीपत की 19 वर्षीय युवती के रूप में हुई थी। युवती घर से 9 मई, 2017 को फैक्टरी में जाने के निकली थी। युवती की मां ने कीर्ति नगर के सुमित पर उसकी बेटी के अपहरण का आरोप लगाया था। मामले के आरोपी कीर्ति नगर के सुमित को सीआईए की टीम ने तमंचे सहित पकड़ा था।

आरोपी ने पूछताछ में बताया था कि उसने कबीरपुर निवासी विकास यादव के साथ मिलकर युवती का कार में अपहरण किया था। उसके बाद वह युवती को कार में लेकर रोहतक गए थे। रोहतक में उसे कोई नशीला पदार्थ खिलाकर कार में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसकी पार्श्ववनाथ सिटी में ले जाकर हत्या कर दी थी। साथ ही उसके साथ दरिंदगी करते हुए मृत शरीर को खुर्द-बुर्द कर दिया था। सुमित के बाद आरोपी विकास यादव को भी गिरफ्तार कर लिया था। मामले में 6 दिसंबर को एएसजे आरपी गोयल की अदालत ने सुमित व विकास यादव को दोषी करार दिया था।
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युवती के अधिवक्ता मोमिन मलिक ने बताया कि अदालत अब मामले में 16 दिसंबर की सुनवाई करने के बाद फैसला सुनाएगी। मामले में 159 पेशी में 44 लोगों की गवाही हुई थी। जिसमें पीड़िता के माता-पिता, उसके फैक्टरी जा रही सहकर्मी समेत 44 लोगों की गवाही कराई गई है। अब अदालत ने मामले में 16 दिसंबर तक फैसला सुरक्षित रख लिया है।

तख्ती पर लिखा -मेरी बेटी को इंसाफ दो
मामले में पीड़िता के माता-पिता अपने अधिवक्ताओं के साथ सोमवार को कोर्ट परिसर में पहुंचे। उन्होंने हाथ में तख्ती ली हुई थी। जिस पर लिखा था कि मेरी बेटी के हत्यारों को फांसी दो। मेरी बेटी को इंसाफ दो। न्यायपालिका मुझे इंसाफ दो। अधिवक्ता मोमिन मलिक ने बताया कि पीड़िता के माता-पिता ने दोषियों को फांसी देने की मांग की है। इसके बाद वह वापस लौट गए।

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