सोनीपत। साइबर थाना पुलिस ने युवती को शेयर मार्केट में कमाई का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी आशीष, दिव्या, हर्षिल और तुषार को गुजरात के गांधीनगर और पंजाब के जीरकपुर से गिरफ्तार किया गया है। गिरोह के सदस्य देश भी में इस तरह ठगी की 4291 वारदात कर 16.74 करोड़ रुपये ठग चुके हैं।
साइबर थाना प्रभारी बसंत कुमार ने बताया कि सेक्टर-23 निवासी नैंसी ने 30 अगस्त को पुलिस को बताया था कि 19 जून को उन्होंने शेयर मार्केट की जानकारी लेने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हुई थी। उन्हें शेयर बाजार में कमाई का झांसा दिया गया था। उन्हें 20 जुलाई को बताया गया था कि दो महीने के लिए एक प्लान शुरू कर रहे हैं, इसमें आठ गुणा रिटर्न मिल सकता है। वह उनके झांसे में फंस गई और अलग-अलग समय में 23 अगस्त तक 60 लाख रुपये लगा दिए थे। नैंसी ने बताया था कि 23 अगस्त को 40 लाख रुपये का लोन उसी एप में दिया था। उनको 25 अगस्त को बताया गया था कि उन्हें अब 40 लाख रुपये जमा कराने होंगे। इसके बाद ही वह अपने लगाए गए रुपये निकाल पाएंगी। तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ था। उन्होंने हेल्पलाइन से पूछताछ की। तब उनको बताया गया कि फर्जी कंपनी है। इसके बाद उन्होंने थाना साइबर क्राइम में इसकी शिकायत की थी। पुलिस टीम ने मुकदमा दर्ज कर अब कार्रवाई कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सात मोबाइल व 11 सिम बरामद
गिरफ्तार आरोपियों से ठगी किए गए रुपयों में से 70 हजार रुपये भी बरामद किए हैं। साथ ही 1.20 लाख रुपये उनके बैंक खातों में सीज भी किए है। आरोपियों के पास से सात मोबाइल और 11 सिम कार्ड भी बरामद किए हैं।
देशभर में इस तरह के 4291 मामले
साइबर थाना पुलिस का दावा हे कि गिरोह के सदस्य देश भर में इस तरह ठगी की 4291 वारदात कर चुके हैं। ठगों ने लोगों से 16.74 करोड़ रुपये ठगे हैं। गिरोह के खिलाफ देशभर में 149 मुकदमे दर्ज हैं।
गिरोह के सदस्यों का होता है अलग-अलग काम
गिरोह के सदस्यों का अलग-अलग काम होता है। कोई बैंक खाते खुलवाता है तो कोई लोगों से बातचीत कर उन्हें फंसा कर रुपये ऐंठता है। उसके बाद नकदी को गिरोह के सदस्यों में उनके काम के अनुसार बांट दिया जाता है।
साइबर अपराधियों से बचने के लिए किसी भी अनजान लिंक पर नहीं जाना चाहिए। आवश्यकता होने पर ही किसी एप का प्रयोग करें। लालच में नहीं फंसना चाहिए। साइबर अपराध का शिकार होने पर थाने में शिकायत देनी चाहिए। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल कर सूचना दें।
- प्रबिना पी, डीसीपी पूर्व सोनीपत