गन्नौर। गांव पुरखास धीरान में खेड़े वाले जोहड़ के निकट रेलवे के पूर्व ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (टीटीई) एवं पेशे से पहलवान की ईंटों से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। उनका शव गांव में जोहड़ के निकट पंचायती जमीन पर खाली प्लाट में बनी झोपड़ी में मिला है। मामले की सूचना के बाद गन्नौर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस ने उनके छोटे भाई के बयान पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मूलरूप से गांव पुरखास धीरान निवासी सुभाष ने बताया कि वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ दिल्ली के गांव कराला में किराये पर रहते हैं। उनके बड़े भाई यशबीर (45) गांव में अकेले रहते थे। वह अविवाहित थे। शनिवार को सुबह उन्हें सूचना मिली कि उनके भाई यशबीर की हत्या कर दी गई। वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि उनके भाई का शव पंचायत जमीन पर झोपड़ी में चारपाई पर पड़ा था। सुभाष का आरोप है कि अज्ञात ने उनके भाई की हत्या की है। पुलिस ने शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सिर पर चोट के गहरे निशान मिले
एसीपी गोरखपाल राणा ने बताया कि यशबीर के माथे व दाहिने कान और हाथ पर चोट के गहने निशान मिले हैं। पुलिस टीम को देशी शराब की खाली बोतलें, गिलास व पानी की बोतल भी मिली हैं। पुलिस को मौके से खून से सनी ईंट भी मिली, जिससे यह प्रतीत होता है पहले बैठ कर शराब पी गई। इसके बाद झगड़ा होने पर यशबीर पर हमला किया गया है। पुलिस मामले का जल्द पटाक्षेप करेगी।
पेशेवर पहलवान था यशबीर, रेलवे में टीटीई भी रहा
ग्रामीणों ने बताया कि यशबीर पेशेवर पहलवान था। पहलवानी में उन्होंने खूब नाम कमाया था। इसकी वजह से रेलवे में टीटीई की नौकरी भी मिली, लेकिन बाद में यशबीर को नौकरी छोड़ दी थी। नौकरी छोड़ने के बाद वह शराब पीने का आदी हो गया। उसके शादी भी नहीं हुई। वह गांव में ही छोटा मोटा काम कर अपना गुजारा चलाता था।
दो भाइयों में बड़ा था, माता-पिता का हो चुका निधन
यशबीर का एक छोटा भाई सुभाष है। यशबीर महज 8 वर्ष का था जब उनके माता-पिता का निधन हो गया था। दोनों भाई अपने ताऊ-ताई के पास रहने लगे थे। सुभाष बाद में घर से चला गया था। वह दिल्ली में टैक्सी चलाने लगे। यशबीर को पहलवानी में कई कुश्ती जीतकर खूब नाम कमाया था। वह उत्तर रेलवे में टीटीई के पद पर रहे। करीब 16 वर्ष पहले वह नौकरी छोड़कर आ गए थे।