एनडीआरएफ की टीम बचाव के लिए लगी
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कैथल में चीका से गुजर रही घग्गर नदी में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है। गुहला क्षेत्र के कई गांवों में पानी घुसना शुरू हो गया। पंजाब बार्डर से सटे करीब 50 गांवों के खेतों में फसल जलमग्र हो गई है। अब यह पानी खेतों से घरों में घुस रहा है। जिसके कारण प्रशासन की सांसे फूली हुई हैं। जबकि ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पटियाला हाईवे पूरी तरह से पानी से जाम
गांव सरोला में हांसी-बूटाना लिंक नहर में जो तट टूटा था, उसे प्रशासन ने ठीक कर दिया है। वहीं, अब कैथल पटियाला हाईवे पूरी तरह से पानी से जाम हो चुका है। घग्गर पार करते ही इस हाईवे पर पानी ही पानी हो गया है। अभी तक घग्गर नदी का पानी 28.6 फीट पर है। यह शाम तक और अधिक बढ़ सकता है। उधर, सीवन के गांव पोलड़ से गुजर रही सरस्वती नदी का पानी भी अपने उफान पर है। यहां पर भी सात फीट पर पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों ने पानी को रोकने के लिए यहां पर रेत से भरे कट्टे लगाने शुरू कर दिए हैं।
एनडीआरएफ की टीम ने चलाई बोट
बुधवार को एनडीआरएफ की टीम ने बोट चला दी है। इसके तहत जलमग्र हुए डेरों ढाणियों व अन्य गांवों में राहत का कार्य किया जा रहा है। पूरा जिला प्रशासन गुहला में घग्गर नदी के किनारे तैनात है। पूरी स्थिति पर प्रशासनिक अधिकारी अपनी नजर बनाएं हुए हैं। यहां पर डीसी जगदीश शर्मा, एसपी अभिषेक जोरवाल, गुहला एसडीएम ज्योति मित्तल व डीएसपी गुहला सुनील सहित अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। वहीं अभी तक राहत की बात है कि बाढ़ के खतरे के बीच जानमाल का कोई नुकसान नहीं है।