गन्नौर । दुभेटा गांव में विशेष समुदाय के पांच परिवारों ने अपनी इच्छा से हिंदू धर्म अपना लिया है। हालांकि, इन परिवारों ने हिंदू धर्म की बहुत से चीजें पहले ही अपना रखी थीं। इन परिवारों के सदस्यों के नाम हिंदू हैं, लेकिन रस्में और रिवाज अलग होती थीं। अब इन परिवारों ने इस परंपरा को भी बदलने का फैसला लिया।
परिवार के सदस्यों ने कहा कि वह बिना किसी दबाव के अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपना रहे हैं। इस अवसर पर पांचों परिवार के सदस्यों ने कर्मयोगी संगठन के सदस्य रामपाल आर्य, विकास आर्य, सौरव आर्य, अमन आर्य द्वारा आयोजित हवन में आहुति डालकर हिंदू धर्म को अपना लिया। बाबा अभयनाथ, आचार्य महेश, दुभेटा गांव के सरपंच विकास आर्य व कासंडी गांव के सरपंच संदीप आर्य ने सभी सदस्यों का सनातन धर्म अपनाने पर स्वागत किया। परिवार के जिन सदस्यों ने सनातन धर्म में आस्था व्यक्त की है उनमें अवतार, शौकीन, सोनू, टोना, नवीन, अरुणा, उनकी पत्नियां व बच्चों सहित 25 सदस्य शामिल हैं। इस फैसले का ग्रामीणों ने भी स्वागत किया है।
अवतार छह वर्षों से कर रहे गोसेवा
सनातन धर्म अपनाने वाले अवतार छह साल से बाबा अभयनाथ के संपर्क में थे और उन्हीं से प्रभावित थे। वे अभयनाथ से प्रभावित होकर गोसेवा भी करते थे। अभयनाथ के संपर्क में आने के बाद उन्होंने सनातन धर्म में वापस आने की ठानी। इसके लिए वह बाबा अभयनाथ के साथ कुछ दिन पहले हरिद्वार भी गए और गंगा स्नान के बाद जनेऊ धारण किया था।
सनातन धर्म अपनाने के फैसले का करते हैं सम्मान : सरपंच
सरपंच विकास आर्य ने बताया कि गांव के 5 परिवारों ने बिना किसी दबाव के अपनी इच्छा से सनातन धर्म में वापसी की है। हिंदू संस्कृति के अनुसार कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म को अपना सकता है। इसमें किसी को कोई आपत्ति भी नहीं, बल्कि सभी ग्रामीण इनके इस फैसले का सम्मान करते हैं।