गोहाना। मकर संक्रांति का त्योहार मनाने घर लौट रहे तीन व्यापारी दोस्तों की मौत से गोहाना के गांव गढ़ी उजाले खां में मातम पसर गया। तीन परिवारों की खुशियां मातम में बदल गई। इनमें एक व्यापारी के बेटे का शनिवार को जन्मदिन था। जन्मदिन पर ही किशोर के सिर से पिता का साया उठ गया। गांव में हर चौक-चौराहे पर इसी हादसे की चर्चा रही। गमगीन
तीनों के शव गांव में पहुंची तो हर आंख नम थी। परिवार में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। तीनों व्यापारी दोस्त कई साल से एक साथ काम करते थे। हादसे के बाद किसी के घर चूल्हा तक नहीं जला।
गांव गढ़ी उजाले खां के पूर्व सरपंच डॉ. महेंद्र सैनी का बेटा राकेश सैनी, इसी गांव के कृष्ण सैनी, कृष्ण कश्यप, गांव से सटी दरियापुर बस्ती निवासी मुकेश उर्फ मंगू करीब 12-13 साल से हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब से फलों और सब्जियों का व्यापार करते हैं। सभी में गहरी दोस्ती थी। कृष्ण सैनी की गोहाना की अनाज मंडी में आढ़त है। कृष्ण ने पांच साल से पंजाब के अबोहर में ठेके पर कीनू के बाग ले रखे हैं। वीरवार को राकेश सैनी, कृष्ण सैनी, मुकेश, कृष्ण कश्यप, शीलू और राकेश मास्टर कार में पंजाब गए थे। उनका 16 जनवरी को वापस आने का कार्यक्रम था। शनिवार को मकर संक्रांति का पर्व और मुकेश के 12 वर्षीय बेटे दक्ष का जन्मदिन था। इस पर राकेश सैनी (50), कृष्ण सैनी (37), मुकेश (45) और कृष्ण कश्यप शुक्रवार रात को ही कार लेकर वापस गांव आने के लिए चल पड़े। रात को हांसी के निकट पिपला पुल के पास कार नहर में गिर गई। हादसे में राकेश सैनी, कृष्ण सैनी और मुकेश की मौत हो गई और कृष्ण कश्यप बच गया। हांसी के पास हुए हादसे से गांव गढ़ी उजाले खां के तीन परिवारों को उजाड़ दिया। तीन व्यापारी दोस्तों की मौत के बाद पूरे गांव में मातम छाया हुआ है। तीनों व्यापारी परिवार के मुखिया थे और अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। तीनों की मौत के बाद से परिवार से आय का स्रोत भी छिन गया। व्यापारी राकेश सैनी की बेटी स्नेहा और सिमरन शादीशुदा है, जबकि 18 वर्षीय बेटा राजन अविवाहित है।
12 दिन पहले ही जन्मी थी बेटी
हादसे में काल का ग्रास बने कृष्ण सैनी के घर 12 दिन पहले ही बेटी ने जन्म लिया था। जिसका अभी तक नामकरण तक नहीं हुआ था। कृष्ण का आठ साल का बेटा अंकुश है। बेटी के जन्म के बाद पूरा परिवार बेहद खुश था। बेटी ने अभी ठीक से आंख भी नहीं खोली थी कि हादसे में हमेशा के लिए पिता का साया छीन लिया। कृष्ण ने जमीन बेचकर गोहाना मंडी में दुकान की है। कृष्ण की मौत के बाद परिवार के पास आय को कोई साधन नहीं बचा है।
पिता की तलाशती रहीं दक्ष की आंखें
दरियापुर बस्ती के मुकेश की दो बेटी अंशु व नेहा और बेटा दक्ष हैं। शनिवार को 12 साल के दक्ष का जन्मदिन था। दक्ष के जन्मदिन पर जहां घर में खुशी का माहौल था। पिता मुकेश भी बेटे का जन्मदिन मनाने के लिए तय कार्यक्रम से पहले ही अपने दोस्तों के साथ घर के लिए वापस चल पड़े। उन्हें क्या पता था कि उनकी यह अंतिम यात्रा होगी। हादसे के बाद जहां परिवार में चीख-पुकार मची रही, वहीं भीड़ के बीच मासूम आंखे पिता को तलाशती रही।