गन्नौर। गांव अगवानपुर में घर में घुसकर ग्रामीण की गोली मारकर हत्या करने और ईंट व डंडे से पीटकर मारे गए दोनों हमलावर भाइयों के शवों का मंगलवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। हमलावर भाइयों के पिता ने पहले बेटों का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया था, मगर थाना प्रभारी के समझाने पर तैयार हो गए। वह दोनों बेटों के शव को लेकर गांव की बजाय शवदाह गृह गए, लेकिन वह बंद मिला। इस पर शवों को लेकर करनाल के श्मशान घाट गए और अंतिम संस्कार किया। उन्होंने बेटों की हत्या करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
गांव अगवानपुर में सोमवार को ग्रामीण सोमदत्त के घर में घुसकर उनके चाचा विजयपाल (50) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाद में ग्रामीणों ने एकत्रित होकर आरोपी अश्विनी उर्फ बॉक्सर और उसके भाई अभिषेक को मार डाला था। विजयपाल और अश्विनी के शवों का पोस्टमार्टम सोनीपत के नागरिक अस्पताल और अभिषेक का खानपुर मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में कराया गया। पहले दोनों भाइयों के परिजनों ने उनका पोस्टमार्टम करवाने से इंकार कर दिया था। उनके पिता अशोक कुमार का कहना था कि उनके बेटों की पीट-पीटकर हत्या की गई है, लेकिन अभी तक पुलिस ने उनके बयान लेकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। इसके बाद थाना गन्नौर प्रभारी रवि कुमार ने अशोक को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि अगर वह अभिषेक व अश्विनी के शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे तो उनके मौत के कारणों का पता नहीं चल पाएगा। अशोक कुमार ने थाना गन्नौर पुलिस को एक लिखित शिकायत भी दी है।
अशोक ने कहा गांव में जाने के बाद कहीं उनके सबसे छोटे बेटे आशीष के साथ कोई वारदात न हो जाए। ऐसे में उन्होंने अपने दोनों बेटों का अंतिम संस्कार गांव में करवाने की बजाय करनाल में एलपीजी-सीएनजी बेस्ड क्रिमेशन फर्नेस में करवाने का निर्णय लिया था। इसके चलते थाना गन्नौर पुलिस देर शाम को परिवार के सदस्यों के साथ एम्बुलेंस में दोनों भाइयों के शवों को लेकर करनाल के लिए रवाना हो गई। करनाल में जाने के बाद वहां शवदाह गृ़ह चालू नहीं मिलने पर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया।
अशोक ने कई लोगों पर लगाए आरोप
अशोक ने गांव के पूर्व सरपंच समेत कई लोगों पर उसके बेटों की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होेंने बताया कि गांव के पूर्व सरपंच व अन्य ने वर्ष 2013 में उनके घर में घुस कर मारपीट की थी। जिसका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। उन्होंने इसकी याचिका चंडीगढ़ हाईकोर्ट में डाल रखी थी। इस वर्ष 24 अप्रैल को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को मंजूर कर लिया था। जिसके बाद से वह सभी केस वापस लेने के लिए धमकियां देने लगे थे। इसके लिए उन्होंने गांव के ही कई लोगों को उनके खिलाफ तैयार किया था। उन्होंने पहले गांव के एक युवक पर हमला किया था। इसके बाद उन्होंने उनके बेटों पर हमला करने का षड्यंत्र बनाया था। अशोक ने इन सभी लोगों के साथ-साथ अन्य पर उसके बेटों की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
विजयपाल का गांव में हुआ अंतिम संस्कार
विजयपाल का गांव में अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम संस्कार में गांव के काफी लोग शामिल हुए।
गीता के बयान पर दर्ज किया गया मुकदमा
पुलिस ने विजयपाल की हत्या के मामले में उनकी भतीजी गीता के बयान पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। गीता का आरोप है कि घटना के समय वह अपनी बहनों के साथ घर पर थी। इसी दौरान उनके चाचा भागते हुए अंदर आए थे। अश्विनी व अभिषेक गाली देते और गोली चलाते हुए उनके घर आए और चाचा को गोली मार दी। उन्होंने दरवाजा बंद कर जान बचाई थी। ग्रामीण जुटे तो उन पर भी फायरिंग कर दी थी। जिस कारण लोगों ने उन पर ईंट व डंडों से हमला किया था।
अपराध की दुनिया में नाम कमाना चाहता था अश्विनी
ग्रामीणों का आरोप है कि अश्विनी अपराध की दुनिया में नाम कमाना चाहता था। उस पर लूटपाट, डकैती, जान से मारने की कोशिश समेत कई संगीन मुकदमे दर्ज थे। उसने अपने साथी के साथ कोर्ट में पेशी की वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड की थी।।
गांव में तैनात की गई पुलिस
गांव में सुरक्षा की दृष्टिगत पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया है। गांव में माहौल फिलहाल शांतिपूर्ण है।
गांव अगवानपुर में हत्या की सूचना मिली थी। जिसमें बाद में पता लगा कि ग्रामीणों के हमले में दो भाइयों की भी मौत हो गई। पुलिस ने एक पक्ष के बयान पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में गहनता से जांच जारी है। जिन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया उनकी मौत हो चुकी है। मामले में अन्य की संलिप्तता का पता लगाया जाएगा।
गौरव राजपुरोहित, डीसीपी सोनीपत
फोटो :38: नागरिक अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम करवाने पहुंची पुलिस व ग्रामीण।