फोटो 06: केएमपी टोल प्लाजा के पास धरना स्थल पर बैठक करते किसान। संवाद
खरखौदा । हरियाणा ऑर्बिटल रेल काॅरिडोर के खिलाफ केएमपी एक्सप्रेस वे के पिपली टोल प्लाजा पर धरना दे रहे किसानों ने शुक्रवार को बैठक की। जिसमें फैसला लिया गया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी न तो कोई मुआवजा उठाएंगे और न ही धरने को खत्म किया जाएगा।
भारतीय नौजवान किसान यूनियन के अध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि 16 जनवरी से किसान अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। केएमपी को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिलने तक उनका धरना जारी रहेगा। किसान इससे पहले मुआवजा भी नहीं उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में किसान संगठनों की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य, फसल बीमा योजना में सुधार, ट्यूबवेल कनेक्शन देने की मांग सहित जमीन अधिग्रहण को लेकर पानीपत से किसान यात्रा शुरू की जाएगी। यह यात्रा पानीपत व सोनीपत जिले के 200 गांवों से होकर गुजरेगी और इसके बाद गोहाना में महारैली से इसका समापन होगा।
कोहाड़ नेक हा कि वर्तमान सरकार अगर किसानों की मांगों को नहीं मानती है तो आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा-जजपा का बहिष्कार का फैसला लिया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता शक्ति दहिया ने की। इस दौरान प्रवीण दहिया, कर्मबीर, अतर सिंह, प्रवेश देशवाल, संजय, राजीव, अजीत, रामकरण, रवींद्र, देवेंद्र, बलराज, महेंद्र, महावीर, राजबीर मौजूद रहे।