खरखौदा। लघु सचिवालय के बाहर एकत्रित होकर क्षेत्र के किसानों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह पता ही नहीं है कि उनके फसल खराबे की गिरदावरी हुई है या नहीं। 2 मार्च को उनकी फसल को नुकसान भारी ओलावृष्टि से हुआ था। उन्हें कोई बताने वाला ही नहीं है कि उनकी खराब फसलों की गिरदावरी हुई है या नहीं, मुआवजा मिलेगा या नहीं। किसान तहसीलदार मनोज कुमार व नायब तहसीलदार मुकुल से मिले। जिन्होंने किसानों को संतुष्ट कर वापस भेजा।
शुक्रवार को क्षेत्र के कई गांवों के किसान एकत्रित होकर लघु सचिवालय पहुंचे। जहां पर उन्होंने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। किसानों ने इस दौरान कहा कि 2 मार्च को ओलावृष्टि हुई, 15 मार्च तक उन्हें पोर्टल पर अपने नुकसान का ब्योरा देना था। अब 15 दिन बीतने को हैं, लेकिन ना तो मुआवजा मिला है और ना ही उन्हें यह पता है कि उनकी गिरदावरी हुई भी है या नहीं। किसानों ने कहा कि पारदर्शिता नहीं होने के कारण उन्हें सही जानकारी नहीं मिल रही है। कहीं एक ही जगह पर बैठ कर गिरदावरी तो नहीं कर ली गई है। किसान इसी मामले को लेकर तहसीलदार और नायब तहसीलदार से मिले। इस पर तहसीलदार ने किसानों को आश्वासन दिया कि सभी की गिरदावरी करने का काम पूरा हो चुका है। कोई भी किसान पोर्टल पर अपना रिकॉर्ड जांच सकता है। क्षेत्र से 25 हजार से ज्यादा आवेदन हैं, दो दिन में सभी के रिकाॅर्ड को ऑनलाइन दर्ज कर लिया जाएगा। इस दौरान विकेश दहिया, जींद्र सिसाना, लेखराम, दीपक, प्रवेश, संजय, सतीश, कृष्ण, देवेंद्र, राजे सिसाना, रमेश सिसाना आदि मौजूद रहे।