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बीमा कंपनी पर पॉलिसी मंजूरी न करने का आरोप लगा सड़क पर उतरे किसान

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सोनीपत। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कंपनी की तरफ से पॉलिसी को मंजूरी न देने का आरोप लगाते हुए वीरवार को किसान संगठनों ने छोटूराम धर्मशाला से लेकर लघु सचिवालय तक विरोध मार्च निकाला। बाद में धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर रोष भी प्रकट किया। किसानों ने इस संबंध में ज्ञापन भी राजस्व अधिकारियों को सौंपा। कहा कि जल्द समस्या का समाधान किया जाए। वहीं किसानों के विरोध पर कृषि विभाग तुरंत हरकत में आया और बताया कि एक दिन पहले ही किसानों की पॉलिसी को मंजूरी दी जा चुकी है।
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विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि खरीफ सीजन में धान, कपास, मक्का और बाजरे जैसी फसलों का बीमा किया जाता है। नुकसान होने पर बीमा कंपनी किसानों को मुआवजा जारी करती है। खरीफ सीजन में इस बार 31 अगस्त तक किसानों का बीमा किया गया था। परंतु किसानों का आरोप है कि इस बार उनकी बीमा पॉलिसी को बीमा कंपनी ने अब तक न तो मंजूर किया है और न ही उसे रिजेक्ट किया है। ऐसे में किसान अधर में लटके हुए हैं। किसानों का आरोप है कि बीमा कंपनी जानबूझकर मंजूरी में देरी कर रही है, ताकि अगर अधिक नुकसान दिखाई दे तो किसानों के बीमा को रिजेक्ट कर सके और अगर नुकसान न हो तो मंजूर करके मुनाफा कमा सकें।
वहीं किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ का कहना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों ने अपनी फसलों का बीमा करवाने के लिए प्रीमियम भरा हुआ है, लेकिन अब तक बीमा कंपनी ने किसानों के बीमे को मंजूरी नहीं दी है। जिसका किसान संगठन विरोध करते हैं। इसके अलावा खेतों में हुए जलभराव की निकासी और मंडियों में बाजरे की खरीद प्रक्रिया भी बेहतर ढंग से करने की मांग सरकार से की गई है। इस संबंध में ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा पॉलिसी मंजूर की मांग के साथ-साथ किसानों ने खेतों में जलभराव की समस्या के समाधान की भी मांग की। किसानों ने मंडियों में बाजरे की खरीद प्रक्रिया धीमी होने पर भी रोष जताया। किसानों ने कहा कि बाजरे की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं हो रही है, जिसकी वजह से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकार को मंडियों में पहुंचने वाले बाजरे की खरीद करनी चाहिए। किसानों ने मटिंडू गांव में निवासी पर्वतारोही नीतीश दहिया के नाम पर खेल स्टेडियम का नाम रखने की भी मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान राकेश दहिया, वीरेंद्र दहिया, शमशेर, कुलबीर, रविंद्र लाकड़ा, बुधराम सिंह, अमित भैंसवाल, विक्की दुहन, अतर सिंह दहिया, प्रवेश, विजय, अजय पहल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
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करीब 23 हजार 700 किसानों ने कराया है बीमा
खरीफ सीजन के तहत सोनीपत जिले में करीब 23 हजार 700 किसानों ने अपनी विभिन्न फसलों का बीमा करवाया है। किसानों ने जहां वीरवार को बीमा मंजूर न होने पर सरकार व बीमा कंपनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वहीं कृषि अधिकारियों ने बताया कि एक दिन पहले ही करीब 22 हजार किसानों की बीमा पॉलिसी को मंजूरी दे दी गई है। बाकी किसानों की बीमा पॉलिसी को पर्याप्त कागज उपलब्ध न होने की वजह से रिजेक्ट किया गया है। कृषि विभाग के अनुसार बचे हुए बीमा पॉलिसी को 17 अक्तूबर तक अप्रूवल दे दी जाएगी। इसके लिए बैठक होगी। बीमा कंपनी के प्रतिनिधि, कृषि विभाग अधिकारी आदि मौजूद रहेंगे। बैठक के बाद समस्या का समाधान हो जाएगा।
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