सोनीपत। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने बागवानी एवं उद्यान विभाग के कार्यालय में छापा डाला। जांच में पता लगा कि कई सरकार की कई योजनाओं का लाभ बेहतर तरीके से किसानों को नहीं मिल पा रहा है। रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी गई है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम एसआई सुभाष, राजेश व महाबीर सिंह सुबह साढ़े नौ बजे बागवानी एवं उद्यान विभाग में पहुंचे। वहां 28 में से 22 कर्मी उपस्थित मिले। जांच में पता लगा कि तीन कर्मी विभागीय ड्यूटी पर गए हैं और तीन अवकाश पर है। भावांतर भरपाई योजना में 924 किसानों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से पांच को लाभ दिया गया। अन्य पात्र नहीं मिले। योजना का लाभ कृषि विपणन बोर्ड की तरफ से जारी किया गया। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर कृषि विभाग व उद्यान विभाग के 360 किसानों ने पंजीकरण कराया था। जिनमें से 13 किसानों को 8.02 लाख रुपये अनुदान दिया गया।
मुख्यमंत्री बागवानी योजना के तहत 12 किसानों में से दो को ही लाभ दिया गया। इंटीग्रेटेड हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट स्कीम के तहत 240 हेक्टेयर स्कीम का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 38.38 हैक्टेयर का लक्ष्य ही प्राप्त हो सका। मेरा पानी मेरी विरासत योजना में 410 एकड़ का लक्ष्य रखा गया था, इसमें दो एकड़ क्षेत्र के लिए किसान को अनुदान राशि दी गई। अनुसूचित जाति उप योजना स्कीम के तहत तीन हजार मशरूम ट्रे के लिए 7.65 लाख रुपये देने का लक्ष्य रखा था, लेकिन 25 सौ ट्रे के लिए 6,37,500 रुपये दिए गए। अनुसूचित जाति उप योजना के तहत 33.87 लाख का बजट मिला था। जिसमें से 2164187 रुपये वितरित किया गया। टीम ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है।