इन राज्यों का सीधा आवागमन कट सकता है। इन राज्यों से आवागमन बंद होते ही दूध, सब्जी, फल, यूरिया, कीटनाशक, दवाई, कपड़े, जूते-चप्पल, चमड़े का सामान, ऑटो पार्ट्स, जूते, वनस्पति आदि की किल्लत दिल्ली व एनसीआर के साथ ही काफी जगह बढ़ सकती है।
अभी तक केवल दूध, सब्जी व फल की किल्लत दिल्ली व एनसीआर को झेलनी पड़ रही है, लेकिन अन्य नेशनल हाईवे भी रुके तो हालात बिगड़ जाएंगे। इसकी सीधी मार आम आदमी पर पड़ेगी और उसको ही जूझना पड़ सकता है।
दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे- 44
हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर
सब्जी, दूध, फल, खाद्य सामग्री, मेवा, दवाई, ऑक्सीजन, खाद, कागज, कपड़े।
दिल्ली-हिसार नेशनल हाईवे- 9
हरियाणा, पंजाब, राजस्थान
दूध, सब्जी, खाद्य सामग्री, कृषि उपकरण, खाद, कपड़े।
दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे- 8
हरियाणा, राजस्थान
यूरिया, कीटनाशक, कृषि उपकरण, गाडिय़ां, बाइक, वाहनों के उपकरण
दिल्ली-मथुरा-आगरा नेशनल हाईवे- 2
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश
चमड़े के जूते व चप्पल समेत अन्य सामान, कपड़ा, सोयाबीन व तिलहन के साथ ही वनस्पति घी, कीटनाशक
दिल्ली-मुरादाबाद-लखनऊ नेशनल हाईवे- 24
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड
सब्जी, दूध, खाद्य सामग्री जैसे मैगी, ऑटो पार्ट्स, ट्रैक्टर
सरकार से बातचीत के बाद भी कृषि कानूनों को रद्द करने का फैसला नहीं हो सका है। हालांकि एमएसपी से छेड़छाड़ नहीं होने की बात कही जा रही है। लेकिन अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति कानून रद्द करने की बात कर रही है। अब सरकार पर दबाव बनाने के लिए समिति के फैसले के अनुसार सभी नेशनल हाईवे बंद करने पर विचार किया जा रहा है। इसको लेकर समिति की मीटिंग में फैसला लिया जाएगा। - गुरनाम सिंह चढूनी, सदस्य अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति।