कोरोना संक्रमण के कारण यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने कुश्ती चैंपियनशिप के लिए कैलेंडर बदल दिया गया है। इसमें कई कुश्ती चैंपियनशिप नहीं कराने के फैसले भी लिए गए हैं। सबसे बड़ा फैसला यह लिया गया है कि दो साल तक कुश्ती का वर्ल्ड कप नहीं होगा तो एक साल आगे खिसकने वाले ओलंपिक में 2021 की कुश्ती रैंकिंग सीरिज शामिल नहीं की जाएगी।
कोई पहलवान 2021 की कुश्ती रैंकिंग सीरिज में गोल्ड मेडल जीत जाता है तो वह ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं माना जाएगा। कुश्ती के लिए यह अच्छी खबर है कि अगर कोरोना संक्रमण कम होता है तो 1 सितंबर से जूनियर व अंडर 23 वर्ल्ड चैंपियनशिप कराई जाएगी, लेकिन इसके लिए अगस्त में रिव्यू किया जाएगा। वहीं सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप इस साल नहीं होती है तो बेस्ट रेसलर 2020 कोई नहीं चुना जाएगा।
कुश्ती चैंपियनशिप कराए जाने को लेकर यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने सभी देशों के कुश्ती संघों के पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन मीटिंग की, जिसमें कई बड़े फैसले लिए गए है। भारतीय कुश्ती संघ के सचिव विनोद तोमर के अनुसार 1 सितंबर से 30 सितंबर तक फिनलैंड में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप व इसी समय में सर्बिया में अंडर 23 वर्ल्ड चैंपियनशिप कराने का फैसला लिया गया है। इसके लिए अगस्त में रिव्यू होगा और कोरोना कम होने पर यह कराई जाएगी।
इस समय पर यह वर्ल्ड चैंपियनशिप नहीं होती है तो इनको नवंबर व दिसंबर में कराया जाएगा। 2020 में कैडेट व अंडर 15 वर्ल्ड चैंपियनशिप नहीं कराने का निर्णय लिया गया है। वेटरनर्स वर्ल्ड चैंपियनशिप 2021 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। अगर 2020 में सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप होती है तो बेस्ट रेसलर 2020 को चुना जाएगा और यह चैंपियनशिप नहीं होने पर बेस्ट रेसलर का इनाम 2021 में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
टोक्यो ओलंपिक के लिए 2020 की रैंकिंग सीरिज के आधार पर पहलवान क्वालीफाई कर चुके है तो ऐसे में 2021 में होने वाली रैंकिंग सीरिज के विजेता पहलवानों को ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं किया जाएगा। चीन, उत्तर कोरिया, तुर्कमेनिस्तान के पहलवानों ने 2020 की सीनियर एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लिया था, इसलिए इसकी रैंकिंग को 2021 तक जारी नहीं किया जाएगा। वहीं 2021 में सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप ओस्लो में 2-10 अक्टूबर में तय है और इसको देखते हुए 2020 व 2021 में कोई विश्व कप नहीं कराने का फैसला लिया गया है।