यह नियम 2016 से लागू कर दिया गया था और 2016-17 के सत्र में होने वाले एडमिशन पर भी 200 रुपये प्रति छात्र सोसायटी में जमा कराना था। उसके बावजूद कालेजों ने 2016 से अभी तक फीस जमा नहीं कराई।
इस कारण ही कुछ कालेजों पर 5 लाख रुपये भी बकाया है तो जिस कालेज में एडमिशन नाममात्र के हुए हैं, उनपर 10 हजार रुपये तक भी बकाया है। इस तरह से कालेजों पर सोसायटी का लगभग 50 लाख रुपये से ज्यादा बकाया है। इन सभी कालेजों को टेक्निकल एजुकेशन के प्रमुख सचिव अंकुर गुप्ता के निर्देश पर ज्वाइंट डायरेक्टर ने नोटिस जारी कर दिया है, जिससे इन कालेजों को फीस जमा करानी होगी।
अब फीस जमा नहीं कराई तो 2020-21 में नहीं कर सकेंगे एडमिशन
प्रमुख सचिव की ओर से जारी कराए गए पत्र में साफ कर दिया गया है कि अगर कालेज अपनी बकाया फीस इस महीने में जमा नहीं कराते हैं तो उनको 2020-21 की काउंसिलिंग में शामिल नहीं किया जाएगा। जिससे इन कालेजों को एक भी एडमिशन नहीं मिलेगा और इन परिस्थितियों में कालेज पर ताला भी लग सकता है। इस तरह कॉलेजों के लिए फीस जमा नहीं करने पर परेशानी खड़ी हो सकती है तो छात्रों को इन कॉलेजों में एडमिशन नहीं मिल सकेगा।