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Sonipat News: पहले भी दोषियों को मिल चुकी सजा, फिर भी बहा रहे अपनों का खून

Wed, 30 Aug 2023 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। आन के लिए लोग अपनों का खून बहाने से पीछे नहीं हटते। मामले में न्यायालय लगातार कड़ा रुख अपनाता रहा है। न्यायालय के फैसले ही इस तरह के मामलों में नजीर बनेंगे। न्यायालय लगातार संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं कि कानून व संविधान के इस समाज में झूठी शान की खातिर हत्या करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।
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मोहाना थाना के गांव गुहणा से भागकर शादी करने पर युवक-युवती की हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस को स्वयं मुकदमा दर्ज करना पड़ा था। पुलिस के एसआई के बयान पर ही मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले से जुड़े तथ्य खंगाने गए थे। जिसके बाद सामने आया था कि परिवार को जब पता लगा कि युवक-युवती सफीदों में रह रहे है तो उनके पास जाकर चाचा व चचेरे भाई ने कहा था कि उनकी शादी करा जाएगी। परिवार के लोग उन्हें वहां से लेकर आ गए थे। वह उन्हें लेकर सफीदों से गोहाना व भैंसवाल होते हुए गांव की बणी में पहुंचे थे। उन्होंने गाड़ी को वहीं रोक लिया था। युवक-युवती को कहा था कि अंधेरा होने के बाद गांव में ले जाया जाएगा। रात को अंधेरा होने के बाद उनकी हत्या कर दी गई थी।

आन के लिए मामलों में पहले हो चुकी सजा

न्यायाधीश आरपी गोयल ने 12 अक्तूबर 2021 को इज्जत के नाम पर तीन लोगों की हत्या के मामले में दोषी हरीश को फांसी की सजा सुनाई थी। इसी मामले में दूसरे दोषी मोनू को भी उनकी अदालत ने इस वर्ष 3 मार्च को फांसी ने सजा सुनाई थी।
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न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह ने 27 अप्रैल को बहालगढ़ थाना क्षेत्र के गांव में किशोरी की हत्या के मामले में पिता व चाचा को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह ने 31 अक्तूबर 2022 को आन के नाम पर हत्या करने के दोषी को उम्रकैद की सजा दी थी। दोषी विक्रम ने अपने साले से प्रेम विवाह करने पर गांव लाठ में आकर अपनी बहन की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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-न्यायाधीश डॉ. शैलेंद्र सिंह 22 जुलाई 2022 को गांव दहिसरा में आन के नाम पर बेटी की हत्या करने के मामले में दोषी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
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