सोनीपत। मानव मिलन के संस्थापक और नेपाल केसरी राष्ट्र संत डॉ. मणिभद्र मुनि महाराज ने कहा कि मनुष्य के साधु के पास जाने के भाव, अभाव व प्रभाव तीन कारण होते हैं। भाव से साधु के पास जाने से आत्मिक खोज व विकास की आकांक्षा होती है। अभाव से जाने वाले को जीवन की समस्याओं से राहत व समाधान की खोज मिलती है। प्रभाव से साधु के व्यक्तित्व व कार्यों से प्रेरणा मिलती है।
डॉ. मणिभद्र महाराज सेक्टर-15 स्थित जैन स्थानक में चातुर्मास के दौरान पर्यूषण महापर्व पर धर्म सभा में प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तीनों कारणों से साधु मनुष्य के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वह न केवल ज्ञान व मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, बल्कि आत्मिक व मानसिक शांति का स्रोत भी होते हैं।
सभा में इलाहाबाद संस्था के प्रधान महावीर प्रसाद जैन, कुसुम जैन, ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानक वासी जैन कॉन्फ्रेंस के दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र जैन व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश कुमार जैन मौजूद रहे।