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बारिश में गुल रही बिजली, 16 घंटे में 830 शिकायत दर्ज

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सोनीपत। बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। जिले में 16 घंटे में बिजली बंद होने की शिकायतों का आंकड़ा 800 के पार हो गया। बारिश के दौरान जिलेभर के लोगों को बगैर बिजली के ही रहना पड़ा। बिजली गुल होने के बाद इनवर्टर बंद होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली निगम के कंट्रोल रूम में तारों में स्पार्किंग व ब्रेकडाउन की ज्यादा शिकायत दर्ज की गईं। बिजली कर्मचारी लोगों की समस्याओं को दूर करने में दिनभर जुटे रहे।
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वीरवार देर रात से बारिश का दौर जारी है। बारिश की वजह से जिले के अधिकतर क्षेत्रों में देर रात से ही बिजली गुल है। ग्रामीण के साथ ही शहर के अधिकतर इलाकों में बिजली का संकट बना हुआ है।समस्या से परेशान लोग वीरवार रात 12 बजे से शुक्रवार शाम 4 बजे बिजली निगम के कंट्रोल रूम में फोन करते रहे। शुक्रवार शाम तक 830 शिकायत दर्ज की गईं। बारिश की वजह से अधिकतर जगहों पर लोगों को काफी नुकसान भी हुआ। शहर के राजेंद्र नगर में शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे खंभे पर लगे मीटर में ब्लास्ट हो गया। करीब पांच मिनट तक धुआं उठता रहा। वहीं भरतपुरी में तारों में स्पार्किंग होने के कारण आग लग गई थी। जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बारिश के बाद बिजली बाधित होने से कॉलोनियों में हालात अधिक खराब हैं। मॉडल टाउन फीडर, शांति विहार फीडर समेत कई अन्य फीडर बंद होने के कारण लोगों को बिना बिजली के ही घरों में रहने को मजबूर होना पड़ा। बिजली गुल होने के बाद लोग निगम के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करते रहे, लेकिन वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इसी तरह कई सेक्टरों में बिजली गुल रही। लोगों का कहना था कि क्षेत्र में आधे से एक घंटे तक बिजली गुल होना अब रोजाना की बात हो गई है। बारिश आते ही बिजली गुल हो जाती है, जबकि कई बार अधिकारियों के समक्ष वह इस मुद्दे को उठा चुके हैं।
इंसेट
औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली संकट का असर रहा
औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली संकट का असर रहा। बिजली न होने के कारण उद्योगपतियों को जेनरेटर चलाकर फैक्टरियां चलाने के लिए मजबूर होना पड़ा। बारिश के कारण अधिकतर जगहों में बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू नहीं हो सकी, जिससे उद्योगपतियों को श्रमिक वापस भेजने पड़े। उद्योगपतियों की मांग है कि बिजली निगम की ओर से बारिश में लाइनों को दुरुस्त किया जाए। जिससे बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति में बाधा न आए और औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरियों में माल का उत्पादन किया जा सके। कृषि क्षेत्र में भी 50 से ज्यादा फीडर बंद रहे। हालांकि इसका किसानों पर प्रभाव नहीं रहा।
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बारिश की वजह से जिले के अधिकतर क्षेत्रों में बिजली गुल रही। कंट्रोल रूम में दर्ज की गई हर शिकायत का समाधान करने का प्रयास किया गया। बिजली कर्मचारी बारिश में भी अपने कार्य में लगे रहे।- संदीप जैन, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम
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