बिजली निगम की ओर से करीब 175 से ज्यादा गांवों में पांच माह से बिलों का वितरण नहीं किया गया है। बिल नहीं मिलने से करीब 1.32 लाख उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। उपभोक्ता लगातार बिल को लेकर अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर रहे हैं, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहे हैं। बिजली निगम ने कई गांवों में बिल का वितरण किया है। ज्यादा राशि के बिल मिलने के कारण लोग बिजली अधिकारियों का विरोध कर रहे हैं। इन बिलों में बिजली निगम की ओर से अग्रिम खपत (एसीडी) जोड़ दिया गया है।
जिले में 1.32 लाख उपभोक्ताओं को डर सता रहा है कि पांच से छह माह के बिल एक साथ आएंगे तो वह कैसे भुगतान करेंगे? दूसरी ओर जिन गांवों में बिलों का वितरण किया जा रहा है, वहां पर ज्यादा राशि बिल मिलने पर उपभोक्ता अधिकारियों का विरोध कर रहे हैं। बिल में राशि कम नहीं की जा रही है। बिजली निगम की ओर से यह बिल अग्रिम खपत जमा जोड़कर भेजे गए हैं।
सरकार की ओर से एचसीएल कंपनी को ऑन द स्पॉट रीडिंग लेकर उपभोक्ताओं को बिल वितरण करने का टेंडर दिया गया है। ऐसे में बिजली निगम की ओर से ऑन द स्पॉट बिलिंग के लिए डाटा एकत्रित करके दिया गया। जिसके बाद उस डाटा को अपलोड करने के लिए कंपनी को ज्यादा समय लगा। जिसकी वजह से बीच में दो माह के बिल का वितरण नहीं किया जा सका। अब कंपनी की ओर से ग्रामीण क्षेत्र में उपभोक्ताओं को बिल वितरित किए जा रहे हैं। कई ग्रामीण इलाकों में बिल नहीं पहुंचने से सबसे ज्यादा उपभोक्ता परेशान हैं। इससे पहले दो महीने पर एक बार बिल आते थे। अब पांच माह से बिल नहीं मिल रहे हैं।
क्या कहते हैं उपभोक्ता
चार महीने बाद बिजली का बिल मिला तो उसमें ज्यादा राशि अंकित की गई थी। ऐसे में इन बिल को भरने में परेशानी हुई। उनकी मांग है कि सरकार की ओर से बिजली बिल में जोड़कर भेजे जा रहे एसीडी को वापस लिया जाए। इससे उपभोक्ताओं को काफी राहत मिल सकेगी।-कप्तान निवासी गांव सांदल कलां
मई के बाद बिजली निगम के कर्मचारी मीटर से रीडिंग नहीं लेने आए। ऑन द स्पॉट बिलिंग प्रणाली के जरिये बिल वितरण किए तो एक साथ चार महीने का ज्यादा राशि का बिल मिला। ऐसे में ज्यादा राशि के बिल जरूरतमंद परिवारों के लोग नहीं भर पाएंगे। समय पर बिजली बिल पहुंचाना चाहिए। -आशीष निवासी गांव जुआं
करीब पांच माह में ऑन द स्पॉट बिलिंग प्रणाली के जरिये बिल मिला तो यह 10 हजार से ज्यादा राशि का था। बिल में दर्ज राशि कम कराने के लिए उपमंडल अभियंता कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन अधिकारी ने राशि कम करने से मना कर दिया। -महेंद्र सिंह, गांव मोहाना
बिजली निगम की ओर से ज्यादा राशि के बिल भेजकर परेशान किया जा रहा है। ऐसे में बिल में अंकित की गई राशि को वापस लिया जाए। लोगों को ज्यादा राशि के बिल भरने में परेशानी हो रही है। -अमित, गांव जाहरी
गांव में बहुत ज्यादा राशि के बिल वितरण होने से परेशानी हो रही है। इन बिलों से राशि कम कराने की मांगकर रहे हैं, लेकिन बिजली निगम के अधिकारी बिलों की राशि कम करने से मना कर रहे हैं। सरकार की ओर से ग्रामीणों पर ज्यादा भार नहीं डालना चाहिए। -युद्धविंद्र सिंह, गांव मोहाना
विद्युत विनियामक आयोग के आदेश पर उपभोक्ताओं से बिल के साथ अग्रिम खपत जमा (एसीडी) ली जा रही है। अगर उपभोक्ताओं को बिल की राशि ज्यादा लगती है तो छह किस्तों में जमा करा सकते हैं। मुख्यालय ने नई कंपनी एचसीएल को ऑन द स्पॉट बिल प्रणाली का टेंडर आवंटित किया है। इससे कंपनी को डाटा अपलोड करने में देरी हुई है। जल्द ही सभी गांवों में बिजली बिलों का वितरण कर दिया जाएगा। -संदीप जैन, अधीक्षण अभियंता बिजली निगम।