सोनीपत। विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के साथ ही गांवों की चौपालों में भी भीड़ जुटने लगी है। राजनीति पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। बुजुर्ग ही नहीं गांव के नौजवान भी इनमें रुचि लेते नजर आ रहे हैं। खरखौदा हलके के गांव रोहट की चौपाल में लोग चुनाव पर चर्चा करते नजर आए।
चौपाल में चर्चा के दौरान बुजुर्ग अतरसिंह ने कहा कि जो प्रत्याशी हमनै लाग्या यो विकास कर सकै सै उसके निशान के आगै अंगूठा दबा देंगे। नफेसिंह ने कहा कि बोट तै नेताओं की और तै किए गए काम देखे पाच्छै, अर उनकी पार्टी के काम देख कै उसका हिसाब लगाकै दैवेंगे। इस पर जयपाल बोले हरियाणा में तै इबकै सब पार्टियां की हालत खराब सी लाग रही सै। बाकी असल तो बोट पड़ैयां अर गिणती होयां पाच्छै ही पता चालैगा। तभी गांव के राजबीर कहने लगे कि इब लोगां के पायां में पड़ण वाले इन नेताओं नै पहला तै किसै की सुध ना ली। अब बोट मांगण के लिए हर रोज आ जा सै। मैं बोट गैरण तै जरूर जाऊंगा, लेकिन बोट किसी प्रलोभन में नहीं दयूंगा। बिजेंद्र ने कहा कि सरकार को विधानसभा चुनाव लड़ने आलै प्रत्याशियों के लिए भी पढ़े लिखे होने का कानून बनाना चाहिए। पंच, सरपंच पढ़ा लिखा हो और एमपी एमएलए अनपढ़ या बात तो जंची कौन्या। जनता के सारे नुमायंदे पढ़े लिखे होणै चहिए। भाई चुनाव का टैम से अर बैरा ना पाटता कौन सी पार्टी बाजी मार जागी।
सतबीर ने कहा कि म्हारे हलके में हम तो उम्मीदवार पढ़ा-लिखा ईमानदार ही बणता देखणा चाहवै सै। नरेश बोला कै भाई चैनल व अखबार आलै तो हरियाणा में सभी पार्टियों की टक्कर बतावें, फैर बैरा कौनी कुणसी पार्टी जीत जा। प्रकाश ने कहा कि नेता वादे तो घणे ही कर रै, पर पूरा करण आला जो दिखेगा उसतै बोट दयांगे।