सोनीपत। शिक्षा विभाग ने राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने की कवायद तेज कर दी है। इसके तहत जिले के स्कूलों में रिक्त पड़े पदों को भरा जा रहा है। जिन स्कूलों में शिक्षक सरप्लस हैं, उन्हें अब दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जा रहा है। जिले में पांच स्कूल ऐसे चिह्नित किए गए थे, जिनमें बच्चे एक शिक्षक के भरोसे थे। अब इन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
राजकीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए विभाग बेहतर तरीके से काम कर रहा है। स्कूलों में बनी शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए विभाग की तरफ से सभी स्कूलों से शिक्षकों की संख्या व स्थिति का ब्योरा मांगा गया था, ताकि जिन स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं, उनमें सरप्लस शिक्षकों को भेजा जा सके। जिले में 138 शिक्षक सरप्लस मिले थे, जिन्हें दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जाना है। मुख्यालय के आदेशाें पर जिला स्तर पर अधिकारियों ने सरप्लस शिक्षकों को भेजना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने चार शिक्षकों को भेजा है।
निर्धारित किया गया है अनुपात
विभाग ने राजकीय स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात निर्धारित किया हुआ है। इसके अनुसार ही स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है। कुछ स्कूलों में नियम के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में जिन स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली हैं, उन्हें भरा जा रहा है। जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी थी, उनमें शिक्षकों को भेजना शुरू कर दिया है।
इन स्कूलों में भेजे गए शिक्षक
गांव अटेरना स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में 155 विद्यार्थी हैं। यहां शिक्षकों के दो पद खाली पड़े थे। यहां राजकीय माॅडल संस्कृति स्कूल राई से सरप्लस गेस्ट शिक्षिका व राजकीय प्राथमिक स्कूल जाजल टोंकी से सरप्लस जेबीटी को भेजा है। राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला नाहरी में 130 शिक्षक हैं। यहां शिक्षकों के दो पद खाली पड़े हुए थे। विभाग ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला बिंधरौली से सरप्लस गेस्ट शिक्षिका व राजकीय माॅडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, राई से गेस्ट शिक्षिका को भेजा है। इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होने के साथ ही बेहतर तरीके से पढ़ाई हो सकेगी।
स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई बेहतर तरीके से हो सके, इसके लिए विभाग प्रयासरत है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर किया जा रहा है। जिन स्कूलों में शिक्षक सरप्लस थे, उन्हें दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जा रहा है। जिले में मांग के अनुसार चार शिक्षकों में दूसरे स्कूलों में भेजा गया है। विद्यार्थियों की पढ़ाई में शिक्षकों की कमी को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
- जितेंद्र छिक्कारा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत