सोनीपत। शनिवार को विजयादशमी पर करीब 15 स्थानों पर पुतला दहन होगा। कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में सबसे ऊंचे 52 फीट के रावण और 45-45 फीट के मेघनाथ-कुंभकरण का पुतला किया जाएगा। इस बार रावण के पुतले की लंबाई 2 और मेघनाथ व कुंभकरण के पुतले 3 फीट बढ़ी है।
सोनीपत के सबसे ऊंचे पुतलाें को रोहतक से तैयार करवाया गया है। पुतलों में आतिशबाजी लगवाने के लिए विशेष तौर पर उत्तर प्रदेश के बागपत से कारीगरों को बुलाया है। पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। दशहरे पर शहर के रामलीला मैदान सहित सेक्टर-15 हुडा ग्राउंड, सेक्टर-23, नई अनाज मंडी सहित करीब 15 स्थानों पर 20 से 52 फीट ऊंचे रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा। इन पुतलों के हाथों में धनुष बाण व गद्दा भी बनाई गई है। शहर में अधिकांश स्थानों पर पुतलों के दहन का समय शाम 5 बजे से 6 बजे तक रहेगा। शुक्रवार को रोहतक से पुतले रामलीला मैदान पहुंचे। कारीगर अलग-अलग हिस्सों के साथ सोनीपत पहुंचे। कारीगर दिल्ली रोड व सेक्टर 14-15 रोड पर करीब 05-50 फीट तक के पुतलों को तैयार कर रहे हैं।
पुतलों में लगाई बागपत में बनी आतिशबाजी
रामलीला मैदान में दहन किए जाने वाले सबसे ऊंचे रावण, मेघनाथ व कुंभकरण के पुतलों के लिए आतिशबाजी उत्तर प्रदेश के बागपत से मंगवाई गई। बागपत से कारीगर देर शाम आतिशबाजी को लेकर सोनीपत पहुंचे। श्री रामलीला सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि आतिशबाजी को लेकर पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखा गया है। पुतलों में ज्यादातर ग्रीन पटाखों का प्रयोग किया जा रहा है।
दहन से पहले होगा राम-रावण के युद्ध की लीला का मंचन
श्री रामलीला सभा व श्रीठाकुरद्वारा पंचायती मंदिर सेवा समिति के प्रधान महेंद्र मंगला व गजेंद्र मंगला ने बताया कि रावण दहन से पहले राम-रावण के युद्ध का मंचन होगा। जानकी दरबार के साथ इस वर्ष रामलीला मंचन दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। मेले में बच्चों के लिए झूले लगाए गए हैं।
खरखौदा में होगा 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन
खरखौदा। श्री प्राचीन भारत रामलीला कमेटी की ओर से दशहरा पर शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा शहरभर के भ्रमण के बाद रोहतक मार्ग स्थित मैदान में पहुंचेगी। यहां 40 फीट ऊंचे रावण के पुतला दहन किया जाएगा। कमेटी के सदस्य नरेंद्र पाराशर ने बताया कि इस वर्ष का दशहरा उत्सव पहले से अधिक भव्य रहेगा। ब्राह्मण दरवाजे के पास रामलीला में भगवान राम की जीवन गाथा व रावण के अंत की महाकाव्य कथा को मंचित किया जा रहा है। स्थानीय कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन की ओर से भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।