गोहाना। कोहरे और शीतलहर से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे अस्थमा और टीबी के मरीजों की सांस फूलने लगी है। उपमंडल के नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल में रोजाना टीबी से पीड़ित 10 से 15 लोग पहुंच रहे हैं। चिकित्सक लोगों को सावधानी बरतने व खानपान और ठंड से बचाव की सलाह दे रहे हैं।
ठंड बढ़ने के साथ सांस के रोगियों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है। सर्दी में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से अस्थमा रोगियों की सांस भी फूलने लगी है। टीबी रोग विभाग के चिकित्सक डाॅ. संदीप शर्मा का कहना है कि तापमान गिरने और प्रदूूषण का स्तर बढ़ने से अस्थमा व सांस रोगियों की दिक्कत बढ़ जाती है। ऐसे में मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। धूल, मिट्टी, धुआं व धुंध से बचाव करें। बीड़ी-सिगरेट व अल्कोहल का परहेज करें। सर्दी से बचाव के लिए कमरे का तापमान संतुलित रखें। सुबह और शाम को घर से न निकलें। संतुलित आहार लें और व्यायाम करें।
वर्जन
सर्दी बढ़ने से अस्पताल में सांस के मरीजों की ओपीडी बढ़ रही है। अस्पताल में अस्थमा व टीबी के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। सर्दी से बचाव के साथ संतुलित आहार लें और चिकित्सक की सलाह लेकर ही किसी प्रकार की दवा का सेवन करें।-संजय छिक्कारा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, गोहाना