संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की हड़ताल के पहले दिन शुक्रवार को स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। जिले में सेवारत 179 चिकित्सकों में 64 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते जिला नागरिक अस्पताल में 15 ऑपरेशन नहीं हो सके। जिला रेजीडेंसी कार्यक्रम (डीआरपी) के तहत तैनात चिकित्सकों के सुबह 11 बजे ओपीडी बंद करने से नाराज मरीजों ने हंगामा कर दिया।
स्वास्थ्य अधिकारियों से शिकायत करने पर डीआरपी चिकित्सकों को वापस बुलाया गया। जिला अस्पताल में 16 एनएचएम व डीआरपी चिकित्सकों के सहारे ओपीडी चली। नागरिक अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंचे पीएमओ डॉ. लोकवीर को इमरजेंसी का गेट बंद मिला। इस पर उन्होंने नर्सिंग अधिकारी को चेताया। वहीं उपमंडल अस्पतालों में मरीजों को उपचार नहीं मिल सका। यहां तक इमरजेंसी में चिकित्सकों ने सेवाएं नहीं दी। जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा को देखते हुए चिकित्सकों ने इमरजेंसी व पोस्टमार्टम सेवाएं दी।
जिलेभर में 179 चिकित्सक सेवारत हैं। इसमें से हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर 64 एमबीबीएस चिकित्सकों ने हड़ताल रखी। बेमियादी हड़ताल के पहले ही दिन 16 एनएचएम चिकित्सक व मेडिकल काॅलेज से पीजी कोर्स करने वाले डीआरपी चिकित्सकों की सेवाएं ली गईं। जिला नागरिक अस्पताल में इंटर्न चिकित्सकों ने ओपीडी बंद कर दी। इसके बाद चिकित्सक कक्ष के बाहर खड़े मरीजों को परेशानी हुई। इसके बाद मरीजों ने हंगामा किया और उप सिविल सर्जन डॉ. सीताराम से शिकायत की। इसके बाद इंटर्न चिकित्सकों को वापस ओपीडी में बुलाया गया। तब जाकर मरीजों को राहत मिल सकी।
इमरजेंसी वार्ड का गेट बंद मिलने पर लगाई फटकार
जिला अस्पताल में प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. लोकवीर ने शुक्रवार की सुबह वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान इमरजेंसी वार्ड का गेट बंद मिलने पर नर्सिंग अधिकारी व स्टाफ कर्मियाें को कड़े शब्दों में चेताया। इस दौरान नर्सिंग अधिकारी ने बताया कि वार्ड में फर्श पर पोछा लगा रखा था। लोगों की आवाजाही कुछ समय के लिए रोकने के लिए दरवाजा बंद किया था। चिकित्सकों ने किसी मरीज की एमएलआर नहीं काटी।
अस्पताल में नहीं हुए 15 मरीजों के ऑपरेशन
जिला अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में शुक्रवार को 15 मरीजों के ऑपरेशन किए जाने थे। इनमें 14 नेत्र रोगियों और एक हड्डी के मरीज का ऑपरेशन किया जाना था। चिकित्सकों की हड़ताल के चलते ऑपरेशन थियेटर में कोई ऑपरेशन नहीं हो सका। इनमें से कुछ मरीज ऑपरेशन कराने पहुंचे थे, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने की बात कहकर मरीजों को लौटा दिया।
तंबाकू निषेध केंद्र व चर्म रोग की ओपीडी रही बंद
हड़ताल के चलते जिला अस्पताल में तंबाकू निषेध केंद्र व चर्म रोग की ओपीडी बंद रही। नेत्र रोग की ओपीडी में कोई भी चिकित्सक नहीं था। अस्पताल में तैनात नेत्र ऑप्टोमेट्रिस्ट ने मरीजों को देखा।
गोहाना व खरखौदा में नहीं मिला मरीजों को इलाज
गोहाना/खरखौदा। उपमंडल नागरिक अस्पताल गोहाना व खरखौदा में हड़ताल का असर दिखा। दोनों अस्पतालों में 9-9 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। गोहाना के नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को चिकित्सकों ने ओपीडी बंद होने के पोस्टर लगा दिए थे। ताकि मरीजों को ओपीडी बंद होने की सूचना मिल सके। खरखौदा के अस्पताल में ओपीडी कक्ष के बाहर भीड़ जुटती देख खुद एसएमओ डाॅ. सत्यपाल ने भी कुछ देर के लिए मरीज देखे। चिकित्सकों की हड़ताल के चलते मरीजों को उपचार नहीं मिल सका। मरीज अस्पताल की ओपीडी खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई ओपीडी चालू नहीं हुई। गोहाना के अस्पताल में दंत रोग व आयुर्वेद में 70 मरीजों की ओपीडी रही। वहीं गन्नौर के अस्पताल में 321 मरीजों की स्वास्थ्य जांच हुई।