सोनीपत। सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की हड़ताल के पहले दिन ही वीरवार को स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गईं। जिले में सेवारत 137 में से 61 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इससे अधिकतर मरीज बिना इलाज कराए वापस लौट गए। सीएचसी व पीएचसी में अधिकतर ओपीडी बंद रही। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) चिकित्सकों व सीनियर चिकित्सकों ने अपनी ओपीडी जारी रखी।
जिला नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग, हड्डी रोग, ईएनटी व चर्म रोग की ओपीडी बंद रही। मरीज काफी देर तक ओपीडी खुलने का इंतजार करते रहे, जिसके बाद लौट गए। तंबाकू निषेध केंद्र में तैनात चिकित्सक भी हड़ताल में शामिल रहे। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 1600 से ज्यादा की ओपीडी होती है, लेकिन कई चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने के कारण अधिकतर मरीजों को उपचार नहीं मिल सका। वीरवार को ओपीडी महज 739 रही। इनमें एनसीडी क्लीनिक में 236, गायनी की 150 व बाल रोग विशेषज्ञ के वार्ड में 170 के अलावा अन्य चिकित्सकों ने भी ओपीडी लगाई। अस्पताल में फिजिशियन तक नहीं था। उनके स्थान पर एनएचएम के चिकित्सक को बैठाया गया था ।गोहाना के नागरिक अस्पताल में दंत रोग व आंखों की ओपीडी चालू रही। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी ने विकल्प के रूप में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य मिशन के चिकित्सकों को ओपीडी में तैनात किया था, लेकिन कुछ समय के बाद ओपीडी फिर से बंद हो गई।
पोस्टमार्टम सेवाएं बाधित होने से लोग रहे परेशान
जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए तीन शव रखे गए थे। सुबह के समय गांव राई के लोगों की ओर से रोष जताने के बाद चिकित्सक ने एक युवक के शव का पोस्टमार्टम किया। बाकी दो शवों को पोस्टमार्टम के लिए खानपुर भेज दिया गया। ऐसे में सेवाएं बाधित होने के कारण लोगों को शवों का पोस्टमार्टम कराने में परेशानी हुई। अस्पताल में दंत व आयुर्वेद की ओपीडी चालू रही। विशेषज्ञों के लिए अलग से कैडर बनाने समेत अन्य मांगों को पूरा करने के लिए चिकित्सक लंबे समय से मांग कर रहे हैं।
अस्पताल में नहीं हो सका कोई ऑपरेशन
जिला अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में रोजाना 8-10 ऑपरेशन होते थे। वीरवार को चिकित्सकों की हड़ताल के चलते कोई ऑपरेशन नहीं हो सका।
गर्मी की वजह से शरीर पर लाल दाने निकले हुए हैं। चिकित्सक को दिखाने के लिए अस्पताल आए थे। लेकिन चिकित्सक हड़ताल पर जाने से परेशानी हुई। अब निजी अस्पताल में ही जांच करानी पड़ेगी।
आशीष, वजीरपुरा
मैं कई दिन से बीमार हूं। अस्पताल में जांच कराने के लिए आए थे। लेकिन हड़ताल होने के चलते न तो चिकित्सक मिले और न ही जांच हुई। अब दोबारा से अस्पताल में आना होगा।
पूनम, मरीज, गौतम नगर, गोहाना
मेरी पत्नी की कमर में कई दिन से दर्द है। अस्पताल में पत्नी को दिखाने के लिए आया तो चिकित्सक नहीं मिल सके। जिससे परेशानी का सामना करना पड़ा।
राहुल, सोनीपत
आंखों की जांच कराने के लिए परिवार के साथ आई थी। चिकित्सक हड़ताल पर जाने के कारण परेशानी हो रही है। काफी देर इंतजार करने के बाद वापस लौटना पड़ रहा है।
बबली, राजपुर
61 चिकित्सक हड़ताल में शामिल हुए। जिनकी गैर हाजिर लगाकर रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। एनएचएम चिकित्सकों की सेवाएं निरंतर जारी रही। अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज देने की कोशिश की गई।
डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन, सोनीपत