सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमल सपरा ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 10 साल कैद व एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दो साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
एसटीएफ यूनिट सोनीपत में नियुक्त तत्कालीन एसआई नरेश कुमार ने 28 जून, 2018 को गन्नौर थाना पुलिस को बताया था कि वह टीम के साथ लूट के मामले में जांच कर रहे थे। तभी उन्हें सूचना मिली थी कि एक चालक अपने ट्रक में मादक पदार्थ लेकर राजस्थान से आ रहा है। उन्हें बताया गया था कि नूंह के गांव सिंगार का रहने वाला राशिद पानीपत से मुंबई जाता है। वह वहां से धागा लेकर आता है। इसमें वह राजस्थान से छिपाकर मादक पदार्थ भी लेकर आता है और उसे हाईवे के ढाबों पर बेचता है। इस पर टीम ने गढ़ी कलां के पास नाका लगा लिया था। उस समय दिल्ली की तरफ से जब राशिद ट्रक लेकर आया तो उसे रुकवा लिया गया था। तत्कालीन डीएसपी राहुल देव के सामने ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें से 160 किलो 500 ग्राम चूरापोस्त व 44 किलो 400 ग्राम डोडापोस्त बैग में भरी मिली थी। उसने बैग को धागों की पेटियों में छिपा रखा था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके खिलाफ गन्नौर में मुकदमा दर्ज कराया था। उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे विमल सपरा ने आरोपी राशिद को दोषी करार दिया। उसे मादक पदार्थ अधिनियम में 10 साल कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।