गोहाना। शहर में वैध हुईं पांच कॉलोनियों में रहने वाले 12 हजार लोगों को जल्द पेयजल संकट से निजात मिलेगी। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से कॉलोनियों में पेयजल लाइन बिछाने के लिए 15.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन कॉलोनियों में 13.5 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाकर हर घर तक पानी पहुंचाया जाएगा। नहर से पानी लेकर उसकी कॉलोनियों में आपूर्ति की जाएगी। विभाग की तरफ से इस योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। पानी की लाइन दबाने के बाद लोगों को सबमर्सिबल पंप व अन्य नलकूपों से अधीन नहीं रहना पड़ेगा।
प्रदेश सरकार की ओर से कुछ समय पहले ही पांच कॉलोनियों को वैध किया गया है। इनमें मीनाक्षी कॉलोनी, आर्य नगर एक्सटेंशन, श्रीराम शरणम् कॉलोनी, गोवर्धन कॉलोनी व ज्योतिबा फुले कॉलोनी शामिल है। इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग लंबे अरसे से पानी आपूर्ति की मांग कर रहे थे। नगर परिषद क्षेत्र में इन कॉलोनियों को अवैध मानकर प्रशासन की ओर से कोई काम नहीं किया जा रहा था। जनस्वास्थ्य विभाग ने वैध हुई कॉलोनियों का सर्वे कराकर 13.5 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का निर्णय लिया है। जनस्वास्थ्य विभाग ने पांच आवासीय कॉलोनियों में पीने के पानी की व्यवस्था के लिए पाइप लाइन बिछाने सहित अन्य कार्य करवाने का प्रस्ताव तैयार कर दिया है। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद विभाग की ओर से टेंडर लगाकर लाइन दबाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इन कॉलोनियों में नहर से पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने से लेकर पंप हाउस, मशीनरी इंस्टाॅलेशन और कॉलोनियों में वितरण के लिए विभिन्न साइज की पाइपलाइन बिछाई जाएंगी।
लंबे समय से पेयजल को लेकर हो रही थी परेशानी
कॉलोनीवासी राजेंद्र, महेंद्र, संदीप, रमेश ने बताया कि उनकी कॉलोनियों में पानी की बढ़ी समस्या है। लोगों को सबमर्सिबल या नलकूप पर आधारित होकर रहना पड़ रहा है। या खरीदकर पानी पीना पड़ता है। अब उनकी कॉलोनी पक्की हो गई है। जिसके बाद नगर परिषद की तरफ से यहां विकास कार्य शुरू कराए जा रहे हैं। कॉलोनी की सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है, इसके लिए बजट बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। जल्द उन्हें घर में पेयजल मिलने की उम्मीद है।
वर्जन
पांच नियमित कॉलोनियों में पेयजल पाइप लाइन दबाई जानी हैं। एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेज दिया है। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद पेयजल लाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उसके बाद शहर वासियों को पेयजल की किल्लत नहीं होगी।
नवीन गोयत, कार्यकारी अभियंता, जलापूर्ति विभाग