रोहतक। वरिष्ठ रामायण गायिका डॉ. चंद्रप्रभा मदान को बनारस में रामायणी रिसर्च काउंसिल की ओर से 19 अगस्त को श्रीरामचरितमानस रामायणी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ. मदान पिछले सात दशकों से श्रीरामचरितमानस और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रही हैं। वे राष्ट्रीय विरजानंद अंध कन्या विद्यालय, नई दिल्ली में संस्कृत अध्यापिका के पद से सेवानिवृत्त हुई हैं। उन्होंने 1,184 पृष्ठों वाले श्रीरामचरितमानस को 154 पृष्ठों में सरल रूप में प्रस्तुत किया है। भारत के साथ-साथ उन्होंने नीदरलैंड, लंदन और न्यूयॉर्क में भी रामायण पाठ और संगीत के माध्यम से भारतीय संस्कृति का संदेश दिया है। विनय पत्रिका के भक्ति गीतों में भी उन्हें विशेष दक्षता हासिल है। वर्ष 2023 में हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया था। दिल्ली संस्कृत अकादमी सहित कई संस्थाएं भी उन्हें सम्मानित कर चुकी हैं।