सोनीपत। हवा प्रदूषित होने के कारण लोगों को परेशानी होने लगी है। वातावरण में स्मॉग छाने से लोगों की आंखों में जलन हो रही है। प्रदूषण खराब स्तर पर पहुंचने के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बुधवार को 272 तक पहुंच गया।
हवा प्रदूषित होने के कारण अस्पतालों में सांस, गले में खराश व आंखों में जलन के मरीज पहुंचने लगे हैं। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप-2) लागू होने के बाद भी कूड़ा जलाने के मामले सामने आ रहे हैं। लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के चलते वातावरण में सुबह-शाम स्मॉग छाने लगा है। बुधवार सुबह स्मॉग का असर दिखाई दिया। ग्रैप-2 लागू होने के बाद भी कूड़े में आग लगाई जा रही है। वातावरण में स्मॉग छाने से सांस लेने में दिक्कत व आंखों में जलन हो रही है। प्रदूषण से साथ ही गले में खराश के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। जिन लोगों को पहले से सांस की बीमारी है, उनके लिए यह स्मॉग काफी खतरनाक है।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र राणा ने हिदायत दी कि मौसम में ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। इससे शरीर के अंदर गए कण ठंडे पानी से जम जाते हैं। घर से बाहर बिना किसी कारण के नहीं निकलना चाहिए और घर से निकलना है तो मुंह पर मास्क व आंखों पर चश्मा लगाकर निकलना चाहिए। आंखों को दिन में कई बार पानी से धोते रहना चाहिए, जिससे आंखों में परेशानी होने का खतरा कम रहता है।
पाबंदी के बावजूद जलाया जा रहा कूड़ा, नहीं हो रही कार्रवाई
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के सोनीपत में प्रदूषण ने गंभीर रूप ले लिया है। सैदपुर गांव और हरसाना मोड़ के पास खुलेआम कूड़ा जलाया जा रहा है, जिससे वायु प्रदूषण और भी गंभीर हो गया है। ग्रैप-2 के तहत खुले में कूड़ा जलाने पर सख्त पाबंदी है, लेकिन इन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सैदपुर में खुले में जलाए जा रहे कचरे से धुआं फैल रहा है, जिससे आसपास की आबोहवा खराब हो चुकी है। इसके कारण सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से लगातार चेतावनी जारी की जा रही हैं, लेकिन लोगों की तरफ से नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए तो आने वाले समय में स्थिति और विकराल हो सकती है।
-
प्रदूषण फैलाने वालों पर लगातार निगरानी की जा रही है। इसके लिए छापा डालकर कार्रवाई की जा रही है। अगर कोई आगजनी करते मिला तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।-प्रदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड