संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। उपायुक्त ललित सिवाच मंगलवार को अचानक खरखौदा तहसील में पहुंचे, जहां एक बुजुर्ग से पूछा कि किस काम से आए हो, बुजुर्ग ने कहा कि सीट पर तहसीलदार ही नहीं है। इसके बाद उपायुक्त ने तुरंत तहसीलदार को फोन मिलाया और कहा कि शाम के 4 बज चुके हैं, किस समय पहुंचेंगे। अगर काम के कारण नहीं आना है तो इसकी जानकारी तहसील में होनी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को इंतजार न करना पड़े। नायब तहसीलदार अशोक कुमार मौके पर हाजिर मिले।
सोनीपत तहसीलदार के पास खरखौदा तहसील का भी कार्यभार है। मंगलवार को उपायुक्त ललित सिवाच अचानक खरखौदा तहसील में पहुंचे, जिसके बाद उन्होंने सबसे पहले अंत्योदय सरल केंद्र का निरीक्षण किया। इसके बाद वह तहसील कार्यालय की तरफ जाने लगे तो एक बुजुर्ग वहां मिला, जो कह रहा था कि तहसीलदार साहब नहीं है। सामने आया कि सोनीपत के तहसीलदार को आना था, लेकिन अभी तक नहीं आए हैं। उपायुक्त ने फोन मिलाकर पूछा कि अभी तक क्यों नहीं पहुंचे, यहां ग्रामीणों को अपने काम करवाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिस दिन नहीं आना होता है, उस दिन इसकी जानकारी तहसील कार्यालय में होनी चाहिए, ताकि विभिन्न गांवों से आने वालों को परेशानी न हो। इसके बाद उपायुक्त ने खरखौदा एसडीएम कार्यालय का निरीक्षण किया। तहसील व एसडीएम कार्यालय की इमारत में शौचालय बदहाल होने पर कर्मचारियों को फटकार लगाई और तुरंत सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।