सोनीपत। गांव सलीमसर माजरा के ग्रामीण को झांसे में लेकर साइबर ठग ने उनका ममेरा भाई बनकर इंटरनेट कॉल कर आठ लाख रुपये अपने बैंक खाते में डला लिए। आरोपी ने दोस्त की माता के बीमार होने का झांसा दिया। साइबर ठग ने पीड़ित के खाते में पहले 9.40 लाख डालने की रसीद भेजकर झांसा दिया था। बाद में सात लाख रुपये फिर से डालने के लिए कहा तो उसे शक हुआ। मामा से नंबर लेकर ममेरे भाई को कॉल की तो ठगी का पता लगा। साइबर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गांव सलीमसर माजरा निवासी सोमबीर ने बताया कि उनका ममेरा भाई अमित इंग्लैंड में रहते हैं। उनके पास 16 सितंबर को 12 अंक के मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को अमित बताकर उनसे बात की। साइबर ठग ने कहा कि उनका एक दोस्त एजेंट का काम करता है। उसकी मां मां की तबीयत खराब है। उसे आठ लाख रुपये चाहिए। वह उसके खाते में पैसे भेज रहा है। आप अपने खाते से उनके दोस्त को भेज देना। उनका दोस्त जल्द ही आपके पास कॉल करेगा। उन्होंने अपना बैंक खाता अमित बनकर बात कर रहे साइबर ठग को दिया। जिस पर कुछ देर बाद ही जॉन नाम के व्यक्ति के खाते से 9.40 लाख रुपये भेजने की रसीद उनके व्हाट्सएप पर आ गई। उन्हें लगा कि उनके भाई ने रुपये डलवाए हैं। कुछ देर बाद एक मोबाइल नंबर से कॉल आई और उसने अमित का दोस्त बताकर दो बैंक खाते भेजकर उनमें से किसी में रुपये डालने के लिए कहा। इस पर उन्होंने उसके दिए खाते में अपनी पत्नी सोनिया के खाते से रुपये आरटीजीएस कर दिए। बाद में पता लगा कि उनके खाते में कोई राशि नहीं आई। उन्होंने नंबर पर कॉल की तो कहा कि उन्हें डॉलर में भुगतान किया है। जल्द ही वह रुपये में बदलकर उनके उनके खाते में डाल दिए जाएंगे। जिसके बाद 17 सितंबर को उनके पास कई महंगे गिफ्ट के फोटो भेजे गए और लिखा गया कि वह उनके लिए लेकर आएगा। बाद में 18 सितंबर को फिर से रुपये भेजने की रसीद व्हाट्सएप पर डाल दी। साथ ही कहा कि उसने 11 लाख रुपये उनके खाते में भेजे हैं। वह इनमें से सात लाख रुपये उनके दोस्त को दे दे। उसे शक हुआ और उसने मामा से ममेरे भाई का नंबर लेकर कॉल की तो उसने कहा कि उन्होंने कोई कॉल नहीं की। तब ठगी का पता लगा। उन्होंने साइबर थाने में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया है।