सोनीपत। दिल्ली एनसीआर में शामिल सोनीपत के लोगों को रैपिड रेल का काफी समय से इंतजार है। शहर का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रैपिड रेल के मामले को लेकर जल्द केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मिलकर परियोजना को सिरे चढ़ाने की मांग करेगा।
लोगों का आरोप है कि रैपिड रेल परियोजना मामले में सरकार व जनप्रतिनिधि सिर्फ सपने दिखा रहे हैं। वित्तीय बाधाओं के चलते परियोजना में देरी की जा रही है। शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने रैपिड रेल के मुद्दे पर सोनीपत समाज पंचायत के बैनर तले ककरोई रोड स्थित शंभू दयाल स्कूल में बैठक की। जिसमें रैपिड रेल को सोनीपत तक लाने की मांग को पुरजोर से उठाया गया।
पूर्वी जन कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके शर्मा व सेफ इंडिया फाउंडेशन के प्रधान संजय सिंगला ने बताया कि 21 मई को बैठक के बाद सांसद रमेश कौशिक को रैपिड रेल की मांग पर ज्ञापन दिया गया है। अब केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से नई दिल्ली में मुलाकात रैपिड रेल की मांग को उठाया जाएगा। बैठक में भाजपा नेता ललित बत्रा ने संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि वह इस मुहिम में संस्थाओं के साथ हैं। साथ ही केंद्र व प्रदेश सरकार की मंशा भी है कि वर्ष 2024 तक जिले को रैपिड रेल की सौगात मिले। डॉ. एसके शर्मा व संजय सिंगला ने बताया कि दिल्ली-पानीपत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (दिल्ली-पानीपत आरआरटीएस) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दिल्ली, सोनीपत व पानीपत को जोड़ने वाला 103 किमी (64 मील) लंबा, सेमी-हाई स्पीड रेल कॉरिडोर स्वीकृत है। यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के चरण-1 के तहत नियोजित तीन रैपिड रेल कॉरिडोर में से एक है। इसके तहत सोनीपत में कुंडली, केएमपी इंटरचेंज, राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, मुरथल, बड़ी व गन्नौर सहित कुल छह स्टेशन प्रस्तावित हैं। अब इसका विस्तार करनाल तक भी प्रस्तावित है। इस दौरान अधिवक्ता अरविंद मित्तल, सुभाष गुप्ता, सत्यनारायण गुप्ता, संजीव अग्रवाल, अनिल कुमार, हरि कौशिक, अनीता बंसल, अनिल गर्ग, नरेश गर्ग, नरेश कंसल, पहलवान हवा सिंह आंतिल, प्रेमनारायण गुप्ता, प्रवीण गोयल व संजय मिश्रा मौजूद रहे।
दिसंबर 2020 से केंद्र सरकार के पास है डीपीआर
डॉ. एसके शर्मा ने बताया कि रैपिड रेल परियोजना की डीपीआर दिसंबर 2020 से केंद्र सरकार के पास है, लेकिन वित्तीय बाधा परियोजना में रुकावट बन रही है। अगर परियोजना सिरे चढ़ती है तो 160 किमी प्रति घंटा की अधिकतम गति व 120 किमी प्रति घंटा की औसत गति के साथ, सिस्टम का उपयोग करने वाले यात्री 65 मिनट में पानीपत व दिल्ली के बीच की दूरी को कवर करने में सक्षम होंगे। सराय काले खां से पानीपत तक 16 स्टेशन प्रस्तावित हैं। उनकी मांग है कि रैपिड रेल का निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाया जाए।
वर्ष 2017 में शुरू हो जाना चाहिए था काम
सोनीपत समाज पंचायत के संयोजक संजय सिंगला ने बताया कि वित्तीय बाधाओं की वजह से जिलावासियों का रैपिड रेल का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। रैपिड रेल का जो कार्य वर्ष 2017 में ही शुरू हो जाना चाहिए था, वह बजट की कमी के चलते अभी तक कागजों में ही अटका है। रैपिड रेल आने से जिले में विकास की गति को बढ़ावा मिलेगा। सोनीपत भी गुरुग्राम व फरीदाबाद की विकास की ऊंचाइयां छुएगा। परियोजना को हर हाल में सिरे चढ़ाया जाएगा।
बदहाल सड़कों पर जताई चिंता
बैठक में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने जिले की बदहाल सड़कों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सड़कों पर पैचवर्क लगाए एक वर्ष भी नहीं होता कि वह समय से पहले ही उखड़ जाते हैं। शहरभर की सड़कें गड्ढों में समाई हुई हैं। नेताओं व अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। मानसून में लोगों को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ेगी। जिस पर भाजपा नेता ललित बत्रा ने बारिश के बाद सड़कों के पुनर्निर्माण व मरम्मत कार्य को शुरू करवाने और इससे पहले गड्ढों को भरवाने का आश्वासन दिया।