सोनीपत। रूरल नर्सिंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, गुरु सदन, बड़वासनी में शनिवार को दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में 2016-20 व 2017-21 बैच के बीएससी नर्सिंग के 60 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां व संस्थान की तरफ से स्मृति चिह्न दिए गए। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कैबिनेट मंत्री कविता जैन पहुंचीं।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान जिस तरह नर्सिंग स्टाफ ने मानव सेवा की उसे पूरे विश्व में देखा और सराहा है। महामारी के समय जब घर के लोग अपनों की देखभाल करने से डर रहे थे, उस समय नर्सिंग स्टाफ बिना डरे अपने काम को सेवा भाव से कर रहा था। उन्होंने कहा कि नर्सिंग एक व्यवसाय होने के साथ मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। विश्व में आज नर्सोँ की भारी कमी है। नर्सिंग की पढ़ाई रोजगार का सबसे बड़ा साधन बन सकती है। आज नर्सिंग व पैरामेडिकल सेक्टर में करियर की बेहतर संभावनाओं के बारे में अधिकाधिक युवाओं को जागरूक किए जाने की जरूरत है।
इस्टीट्यूट ऑफ पैरामैडिकल टेक्नोलॉजी दिल्ली के निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने कहा कि अनुशासन व पढ़ाई ही छात्र का एक लक्ष्य है। अनुशासन व पढ़ाई से ही अपने लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। जीवन में लक्ष्य प्राप्ति के लिए युवाओं को अंतरात्मा का मनन करना चाहिए।
रोहतक के सीएमओ डॉ. दिनेश ने कहा कि नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था की रीढ़ हैं। इस क्षेत्र में बेहतर करियर की अपार संभावनाएं हैं। नर्सिंग कॉलेज ऑफ एसोसिएशन के राज्य प्रधान एवं संस्थान के चेयरमैन नरेंद्र सूरा ने कहा कि यहां से पास आउट बच्चे देश-विदेश के बड़े अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों को कहा कि नीतिवान व चरित्रवान व्यक्ति सफलता के शिखर पर पहुंचता है। समारोह में छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर समा बांध दिया।
इस मौके पर नरेंद्र मलिक, डॉ.रविशंकर, डॉ. श्वेता, डॉ. प्रीति दहिया, डॉ.भव्या श्रीवास्तव, नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य राजकुमारी रंजीता देवी, गीतांजलि स्कूल की प्राचार्य ए. शर्मिला, प्रशासिका मंजू शुक्ला, डॉ. दीपिका राणा, सपना, ममता, आशु, ज्योति सहित अन्य मौजूद रहे।