सोनीपत। गांव चिटाना स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में कमरे की छत का मलबा गिरने से आठवीं कक्षा के दो छात्र घायल हो गए। मलबा गिरने से मची भगदड़ के बाद अध्यापक पहुंचे और घायल छात्रों को तुरंत गांव जुआं स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां दोनों छात्राें को उपचार के बाद घर भेज दिया गया। छत से मलबा गिरने की सूचना के बाद जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने अधिकारियों को निरीक्षण कर जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
गांव चिटाना स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में 12 कमरे हैं। शनिवार को आठवीं कक्षा के विद्यार्थी इस कमरे में मौजूद थे, तभी अचानक छत का मलबा विद्यार्थियों के ऊपर गिर गया। जिसमें विजय के सिर व संजय के हाथ में चोट लगी है। मलबा गिरने से अन्य विद्यार्थियों में भगदड़ मच गई और घायल हुए बच्चे चीखने लगे। शोर सुनकर अध्यापक मौके पर पहुंचे और अपनी गाड़ी से दोनों छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया। गनीमत रही कि हादसे के समय कक्षा नहीं लगी थी, अन्यथा बड़ा हादसा घटित हो सकता था।
मामले की हो निष्पक्ष जांच की मांग
शिक्षा विभाग राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं व सुरक्षा देने को लेकर निर्देश जारी करता है, इसके बावजूद भी अधिकारी विद्यार्थियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं हैं। राजकीय स्कूलों में जर्जर हो चुके कमरों में बच्चों को बैठाया जा रहा है। जिला पार्षद संजय बड़वासनियां ने मामले को बेहद गंभीर बताया है। उनका कहना है कि अगर जर्जर हो चुके कमरे को समय रहते कंडम घोषित कर बंद कर दिया जाता तो यह हादसा टल सकता था। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। इसमें जिसकी भी लापरवाही सामने आती है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
वर्जन
जिस कमरे की छत से मलबा गिरा है, वह ठीक हालत में है। हालांकि पुराना होने के कारण इसमें कक्षा नहीं लगाई जा रही थी। तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद छत में सीलन आ गई थी। संभावना है कि सीलन आने से ही छत से प्लास्टर गिरा है। इस कमरे में बच्चे वैसे ही घुस गए थे। प्लास्टर गिरने से दो छात्रों को चोटें आई हैं, दोनों को उपचार के बाद घर भेज दिया था। दोनों की हालत ठीक है।
- सतीश कुमार, मुखिया, राजकीय उच्च विद्यालय, चिटाना
वर्जन
सभी स्कूल मुखियाओं को जर्जर कमरों में बच्चों को नहीं बैठाने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में स्कूल मुखिया से जवाब मांगा गया है। बीईओ व जेई को स्कूल का निरीक्षण कर जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत