सोनीपत। अग्रिम टोकन सिस्टम लागू होने से मिल में गन्ना पेराई की रफ्तार भी बढ़ी है। रविवार को क्षमता से अधिक 22 हजार 720 क्विंटल गन्ने की पेराई हुई। किसानों को अब मिल में कई घंटे तक अपने नंबर आने के इंतजार नहीं करना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि ठंड का मौसम अगर इसी तरह से बना रहा और कोई बड़ी तकनीकी खराबी नहीं आती। इस माह में करीब 6 से 7 लाख क्विंटल गन्ने हो सकती है और अप्रैल के अंत तक लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।
द सोनीपत सहकारी चीनी मिल के प्रशासन ने अप्रैल तक गन्ना पेराई का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है। गर्मी बढऩे के कारण गन्ने की रिकवरी रेट में गिरावट आती है, जिसका रोका जा सके। इस बार पिछले साल की अपेक्षा रिकवरी रेट भी बेहतर बनी हुई है। मिल प्रशासन ने चालू पेराई सत्र के दौरान किसानों की सुविधा के लिए एडवांस टोकन बुकिंग सिस्टम लागू किया है जो अब तक पूरी तरह सफल हो रहा है। सिस्टम के जरिए अब किसान घर बैठे ही अपने गन्ने का अग्रिम टोकन लगवा रहे हैं। इससे एक तरफ यार्ड में गन्ने की ट्रालियों की भीड़ नहीं लगती, वहीं दूसरी तरफ किसान भी महज दो से तीन घंटे के अंदर अपना गन्ना डालकर घर लौट जाते हैं। इससे पहले किसानों को कई-कई घंटों तक अपने नंबर आने का इंतजार करना पड़ता था।
अग्रिम टोकन बुकिंग सिस्टम के जरिए किसानों ने रविवार दोपहर 12 बजे तक करीब 15 हजार क्विंटल गन्ने की बुकिंग करवा ली थी। इसमें से 2680 क्विंटल गन्ना यार्ड में खड़ा पहुंच गया था, जबकि 12510 क्विंटल गन्ना किसानों के खेत में था, टोकन नंबर नजदीक आने पर किसान उक्त गन्ने को लेकर मिल में पहुंच जाते हैं। अगर कोई किसान समय पर अपने टोकन का तोल मिल में आकर नहीं करवाता है तो उसे फिर मिल में ऑफलाइन तरीके से नया टोकन लेना पड़ता है। जिसके कारण किसान का टोकन नंबर काफी पीछे चला जाता है।
किसानों के लिए लागू किया अग्रिम टोकन बुकिंग सिस्टम भी सफल रहा है। जिसके जरिए रविवार को 22 हजार 720 क्विंटल गन्ने की पेराई की गई। सिस्टम के तहत अब किसानों को अब यार्ड में अधिक इंतजार नही करना पड़ता।
डॉ. संजय कुमार, प्रबंध निदेशक, चीनी मिल