सोनीपत। शुभ कार्यों पर लगा विराम वीरवार को देवोत्थान एकादशी के साथ हट जाएगा। देवोत्थान एकादशी अबूझ मुहूर्त होने के कारण कल से शहनाइयां बजनी शुरू हो जाएंगी। इस दिन 200 से अधिक जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। देवोत्थान एकादशी के साथ ही शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। इसके चलते बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। शादी का सीजन शुरू होने से बाजार में भी खुशियां छाई हुई हैं। दुकानदार इसके लिए जोर-शोर से तैयारी में जुटे हुए हैं।
चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शौनक ने बताया कि छह महीने का उत्तरायण और छह महीने का दक्षिणायन होता है। उत्तरायण में देव उठ जाते हैं। इसी के साथ शादी, सगाई, लग्न, एकादशी उद्यापन, गृह प्रवेश सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान व शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं। देवोत्थान एकादशी को लेकर घरों, मंदिरों और धार्मिक आयोजनों के लिए जोर-शोर से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि पौराणिक कथा के अनुसार शंकासुर राक्षस ने ब्रह्माजी के वेद शास्त्रों को चुराकर जल में डाल दिया था। इन शास्त्रों का पता लगाने के लिए देवताओं ने एकादशी के दिन भगवान विष्णु को शयन से उठाया था। उन्होंने वाराह का रूप धारण कर समुद्र में जाकर ब्रह्माजी के वेद शास्त्रों को ढूंढ़कर उन्हें सौंप दिया था। इसके अलावा महाभारत काल में भी देवोत्थान एकादशी का उल्लेख मिलता है। महाभारत के युद्ध के समय भगवान श्रीकृष्ण की प्रेरणा से अर्जुन ने पितामह भीष्म को दक्षिणायान में शरशैय्या पर लिटाया था। इच्छामृत्यु का वरदान प्राप्त होने के कारण भीष्म ने अपने प्राण त्यागने के लिए उत्तरायण का इंतजार किया। माना जाता है कि दक्षिणायन देवताओं की रात्रि होती है और उत्तरायण उनके दिन होते हैं। इस दौरान सभी देवता अपने स्थान पर विराजमान रहते हैं।
खरीदारी के लिए बाजारों में बढ़ी भीड़
देवोत्थान एकादशी को लेकर बाजारों में रौनक छाने लगी है। विवाह का शुभ मुहूर्त होने के कारण बाजार में खरीदारी करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मंगलवार को कपड़ों से लेकर स्वर्णकारों तक की दुकानों में खरीदारी करने वालों की भीड़ लगी रही। विवाह के लिए बैंक्वेट हॉल, बैंडबाजे, बारात घर की बुकिंग पहले ही हो चुकी है। जिन लोगों ने शादियां देरी से तय हुई हैं, उन्हें इन सबकी व्यवस्था करने के लिए खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे लोगों से बैंक्वेट हॉल और बैंडबाजे वाले मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। बैंक्वेट हॉल संचालक राजेश शर्मा ने बताया कि शहर में करीब 45 बैंक्वेट हॉल हैं, 23 नवंबर के लिए सभी पहले ही बुक हो चुके हैं। अब तक लोग बुकिंग करवाने आ रहे हैं, लेकिन इस दिन इतनी अधिक शादियां हैं कि कोई भी बैंक्वेट हॉल खाली नहीं मिल रहा।
हलवाई व ब्यूटी पॉर्लर तक के काम में तेजी आई
विवाह-शादियों का सीजन शुरू होते ही सभी को अपने कारोबार में बढ़ोतरी की उम्मीद है। जिसके लिए सभी ने पहले से ही तैयारियां कर ली हैं। हलवाई से लेकर ब्यूटी पार्लर तक के काम में तेजी आई है। करीब 20 दिन पहले से ही इनकी बुकिंग शुरू हो गई थी।
विभिन्न मार्गों पर बन सकती है जाम की स्थिति
देवोत्थान एकादशी पर बड़ी संख्या में शहर में शादी समारोह होंगे। शहर में मुरथल रोड, बहालगढ़ रोड, सेक्टर-12 बाइपास व एटलस रोड पर सबसे अधिक समारोह स्थल बने हुए हैं। ऐसे में इन सड़कों पर वाहन चालकों को जाम की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।