संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। खेतों में गेहूं कटाई के बाद अवशेष जलाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। रविवार को भी गोहाना में जींद रोड स्थित नालंदा स्कूल के पास खेतों में गेहूं की फसल के अवशेषों में आग लगाने के मामला सामने आया है। गोहाना में अब तक 50 से अधिक मामले गेहूं के अवशेष जलाने के सामने आए हैं। अधिकारियों के अनुसार किसान गेहूं के अवशेष जलाकर तुरंत जुताई कर देते हैं। जिससे विभाग मौके के फोटो नहीं ले पाता और किसान जुर्माने से बच जाते हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार खेतों को अगली फसल की बिजाई के लिए जल्दी खाली करने के उद्देश्य से कई किसान गेहूं के अवशेषों में आग लगा देते हैं। बार-बार समझाने के बाद भी ऐसे किसान जागरूक नहीं हो पा रहे हैं। खेतों में अवशेष जलाने से मित्र कीट मर जाते हैं, इससे भूमि की उपजाऊ शक्ति पर भी गहरा असर पड़ता है। खेतों में फसल अवशेष जलाने के काफी नुकसान हैं।
कृषि विभाग के एसडीओ डॉ. राजेेंद्र मेहरा ने बताया कि गेहूं या अन्य किसी भी फसल के अवशेषों को जलाने के लिए खेतों में आग नहीं लगानी चाहिए। खेतों में आग लगाने से मित्र कीट खत्म हो जाते हैं। इससे खेत की मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी प्रभावित होती है। किसानों को इस विषय में पूरी तरह जागरूक होने की जरूरत है।