हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह ने घरेलू विवाद में पत्नी की हत्या करने के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की सजा भुगतनी होगी।
गांव खटकड़ निवासी रामलाल ने 15 दिसंबर, 2020 को सदर थाना सोनीपत पुलिस को बताया था कि उन्होंने अपनी बेटी प्रिया (25) की शादी वर्ष 2013 में बड़वासनी निवासी संदीप के साथ की थी। शादी के बाद से ही संदीप मामूली बात पर प्रिया से मारपीट करता था।
वह लगातार उत्पीड़न करता था। बेटी-बेटा होने के बाद भी उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। इसको लेकर उन्होंने कई बार उसको समझाया था। प्रिया ने मारपीट की कई बार शिकायत की थी। अब संदीप ने फिर से प्रिया को पीटना शुरू कर दिया था। उसे डंडों से पीटा गया था।
बुरी तरह पिटाई करने से प्रिया की मौत हो गई थी। जिसका पता लगने पर वह गांव में पहुंचे थे और पुलिस को अवगत कराया था। सूचना के बाद पहुंची सदर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर रामलाल के बयान पर प्रिया के पति संदीप व अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। घटना से तीन दिन पहले ही संदीप की दादी की मौत हुई थी।
जिससे घर में मातम का माहौल था। इसके चलते घर पर गांव के लोगों के साथ ही कई रिश्तेदार आए थे। घर के अंदर हुए झगड़े में प्रिया अचानक बेहोश हो गई थी। बाद में पता लगा कि उसकी मौत हो गई थी। मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार की टीम ने आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले में सुनवाई के बाद एएसजे शैलेंद्र सिंह ने आरोपी संदीप को दोषी करार दिया। बुधवार को अदालत ने भादंसं की धारा 302 में दोषी संदीप को उम्रकैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।