दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद हरियाणा में सोनीपत कारागार प्रशासन ने जिला कारागार में बंद टिल्लू और गोगी गैंग से जुड़े संदिग्ध बंदियों को अलग कर दिया है। दोनों गैंग के गुर्गे यहां किसी न किसी मामले में संलिप्त पाए गए हैं।
गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया सोनीपत की सीमा से सटे अलीपुर के गांव ताजपुर का रहने वाला है। उसके खिलाफ सोनीपत के थानों में मुकदमा दर्ज न होने की बात कही जा रही है, लेकिन उससे जुड़े कई आपराधिक पृष्ठभूमि के युवक सोनीपत की जेल में बंद हैं।
टिल्लू कुख्यात नीरज बवाना गैंग से जुड़ा था। उसकी रंजिश अलीपुर के जितेंद्र उर्फ गोगी गैंग से थी। जितेंद्र उर्फ गोगी की हत्या के बाद उसके गैंग को सोनीपत के गांव गुमड़ का दीपक उर्फ बॉक्सर चला रहा था। हालांकि उसे पिछले दिनों मैक्सिको से गिरफ्तार किया जा चुका है।
गोगी और टिल्लू ताजपुरिया गैंग की रंजिश लंबे समय से चली आ रही है। ऐसे में दिल्ली की तिहाड़ जेल में टिल्लू ताजपुरिया की हत्या का पता चलते ही सोनीपत कारागार प्रशासन भी अलर्ट मोड़ में आ गया। जिला कारागार में सर्च अभियान चलाने के साथ ही दोनों गैंग से जुड़े संदिग्धों को अलग-अलग कर दिया गया है। उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया।
गोगी की हत्या में जुड़ा था सोनीपत का नाम
कुख्यात जितेंद्र उर्फ गोगी की हत्या रोहिणी कोर्ट में की गई थी। हत्या करने के बाद पुलिस की गोली से मारे गए हमलावर की पहचान सोनीपत के गांव कामी निवासी जयदीप उर्फ जग्गा के रूप में हुई थी। जयदीप की दोस्ती वर्ष 2017 में जेल में रहने के दौरान दिल्ली के कुख्यात सुनील उर्फ टिल्लू निवासी ताजपुर से हुई थी। जेल में टिल्लू ने जग्गा की दोस्ती के बाद गोगी को मारने की तैयारी हो गई थी। तब पुलिस ने बताया था कि गोगी के गिरफ्तार हो जाने के बाद हत्या करने का जिम्मा जयदीप ने संभाल लिया था। जयदीप ने खुद कोर्ट में जाकर गोगी की हत्या कर दी थी।
टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद से प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी कर दी है।
-राजेंद्र सिंह, जेल अधीक्षक, सोनीपत