जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव के बाद गठित प्रकाश सिंह जांच कमेटी की रिपोर्ट को प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक कर दिया है। 416 पेजों की इस रिपोर्ट में कमेटी ने सोनीपत के तत्कालीन डीसी, एसपी के अलावा गोहाना के एसडीएम, डीएसपी, गन्नौर डीएसपी, डीएसपी ट्रैफिक, थाना मुरथल, गोहाना शहर के प्रभारियों को कटघरे में खड़ा किया है। रिपोर्ट में प्रकाश सिंह ने तत्कालीन डीसी राजीव रतन की कार्रवाई को असंतोषजनक करार दिया है। साथ ही गैर जिम्मेदार भी बताया है। रिपोर्ट में गोहाना के डीएसपी और एसडीएम पर तल्ख टिप्पणी करने के अलावा, डीएसपी ट्रैफिक और गन्नौर के खिलाफ सख्त उठाने की सिफारिश की है। हालांकि, रिपोर्ट में गन्नौर की तत्कालीन एसडीएम संगीता तेतरवाल के काम की तारीफ की गई है।
128 एफआईआर, 188 निजी, 33 सरकारी तोड़फोड़
रिपोर्ट में सोनीपत जिले में कुल 128 एफआईआर होने का जिक्र किया गया है। इसमें सबसे अधिक 96 थाना शहर गोहाना में दर्ज की गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार जिले भर में 188 निजी वाहनों एवं इमारतों के साथ व 33 सरकारी वाहनों (32 बस, 1 जीप) के साथ तोड़फोड़ और आगजनी की गई। सरकारी पेट्रोल पंप को भी नुकसान पहुंचाया गया। वन विभाग के कुल 1046 पेड़ नष्ट कर दिए गए, जिसमें 12 एफआईआर दर्ज करवाई गई। पुलिस विभाग की एक बस और बरोटा चौकी को नुकसान पहुंचाया गया।
हर दिन बढ़ती रही आर्मी, 137 राउंड किए फायर
जिले में आंदोलन के दौरान केवल दो जगहों पर प्रशासन द्वारा फायरिंग का डाटा दिया गया है। इसमें गढ़ी बिंधरोली और लड़सौली शामिल है। गढ़ी बिंधरौली में जहां 63 राउंड गोलियां, 39 रबड़ बुलेट, 113 आंसु गैस के गोले छोड़े गए। वहीं, लड़सौली में 74 राउंड गोलियों के साथ 12 ग्रेनेड्स, 7 शेल्स लोंग रेंज, 7 स्टन शेल्स का इस्तेमाल किया गया। यहां क्रमश: दो और चार लोगों की मौत हुई। इसके अलावा पुलिस के क्रमश: नौ और चार कर्मचारी घायल हुए।
डीसी ने कहा था, ऑर्डर के बाद भी रिस्पांस नहीं दिया
प्रकाश सिंह कमेटी को तत्कालीन डीसी राजीव रतन ने बयान दिया था कि 20 फरवरी को कुंडली और कुमासपुर के पास जीटी रोड पर जाम के दौरान लोगों को हटाने के लिए निर्देश दिए गए थे। आईजी परमजीत अहलावत की मौजूदगी में पुलिस कर्मियों को आदेश देने के बावजूद उनका पालन नहीं किया गया। पुलिस फोर्स ने कोई रिस्पांस नहीं दिया। राजीव रतन ने अपने बयान में यह भी माना कि वे मुरथल और गोहाना पर उचित ध्यान नहीं दे पाए।
अधिकारियों पर ये की गईं टिप्पणी
डीसी राजीव रतन : रिपोर्ट में डीसी के काम को असंतोषजनक करार दिया गया। कहा गया कि फोर्स को पहले भी भेजा जा सकता था। फोर्स अन्य जिलों की अपेक्षा पर्याप्त संख्या में मौजूद थी, लेकिन इस्तेमाल नहीं हुई। जिला प्रशासन ने ही जीटी रोड पर जाम लगने दिया, बाद में बताया गया कि यह शहर बचाने की रणनीति थी। जिला प्रशासन की वजह से ही जीटी रोड पर 56 घंटे तक जाम रहा। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बावजूद डीसी ने गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाया तथा गढ़ी बिंधरौली में नहरी पानी की संभाल नहीं की।
एसपी अभिषेक गर्ग : डीसी के साथ-साथ एसपी के काम को भी असंतोषजनक बताया गया। रिपोर्ट में कमेंट किया गया है कि एसपी को और अधिक बोल्ड और एग्रेसिव होना चाहिए।
एसडीएम गोहाना धर्मेश सिंह व डीएसपी गोहाना विनोद कुमार : रिपोर्ट में दोनों अधिकारियों पर व्यंग्य कसते हुए लिखा गया है कि दोनों ही अधिकारी स्थानीय विधायक के घर की सुरक्षा में ज्यादा मशगूल थे। उनके साथ गोहाना शहर थाना के प्रभारी भी जिम्मेदार हैं। दोनों अधिकारियों ने दंगों के घंटों बाद भी मौके पर जाकर नहीं देखा।
एसडीएम गन्नौर संगीता तेतरवाल : कमेटी ने एसडीएम के काम को काफी अच्छा बताया। रिपोर्ट के अनुसार, यंग ऑफिसर ने सभी प्रभावित जगहों का निरीक्षण किया और दंगों के दौरान भी ड्यूटी करती रहीं।
डीएसपी ट्रैफिक सुनील : कमेटी की रिपोर्ट में डीएसपी ट्रैफिक सुनील कुमार पर टाल-मटोल की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया है। कमेटी के अनुसार, 21 मई को जब जुरासिक पार्क में तोड़फोड़ की जा रही थी तो एसपी ने डीएसपी सुनील कुमार को फोन कर तुरंत जुरासिक पार्क के सामने पहुंचने के निर्देश दिए थे। फोर्स पर्याप्त होने के बावजूद डीएसपी खुद मुरथल स्थित यूनिवर्सिटी में आ गए और मौके पर मुरथल थाना प्रभारी और ड्यूटी मजिस्ट्रेट को भेज दिया। रिपोर्ट में डीएसपी को गंभीर सजा की सिफारिश की गई है।
डीएसपी गन्नौर सतीश शर्मा, थाना मुरथल प्रभारी अजय धनखड़ : रिपोर्ट में बताया गया है कि इन दोनों अधिकारियों ने दंगा रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। जीटी रोड पर इनके सामने ही कई युवक हाथों में हथियार लिए घूमते रहे। कई गाड़ियों को आग लगाई गई, लेकिन इन्होंने कोई प्रयास नहीं किया।
फायर ऑफिसर कृष्णचंद : रिपोर्ट के अनुसार फायर ऑफिसर ने संसाधनों की कमी का रोना रोया, लेकिन कई लोगों ने इनके खिलाफ दुर्व्यवहार की शिकायत की है।
ऐसे बढ़ी सैनिकों की संख्या
दिन सैनिकों की संख्या
14 फरवरी 1875
15 फरवरी 1875
16 फरवरी 2294
17 फरवरी 2294
18 फरवरी 2698
19 फरवरी 2954
20 फरवरी 2961
21 फरवरी 3532
22 फरवरी 4058
इनके बयानों ने किया आग में घी का काम
रिपोर्ट में 25 नवंबर 2015 को सैन धर्मशाला में कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी के बयान का जिक्र है। यहां सांसद ने जाति विशेष के लोगों को पहले सुअर के बच्चे, फिर शूरवीरों से संबोधित किया गया है। 20 दिसंबर 2015 को गोहाना अनाजमंडी में आयोजित रैली के दौरान रणजीत सहरावत के संबोधन का जिक्र है। इन दोनों बयानों को प्रकाश सिंह कमेटी ने कटघरे में खड़ा किया।
कुछ यूं चला घटनाक्रम
17 फरवरी - सोनीपत से गोहाना और सोनीपत से रोहतक मार्ग ब्लॉक।
18 फरवरी - सोनीपत से बागपत मार्ग भी ब्लॉक। अन्य छोटे मार्ग पर भी आवाजाही रूकी।
19 फरवरी - रेलवे ट्रैक पर राजलूगढ़ी के पास ट्रेन यातायात रोका।
20 फरवरी - जीटी रोड पर यातायात रोका, गोहाना में लूटपाट और दंगे शुरू।
21 फरवरी - गढ़ी बिंधरौली में दिल्ली जाने वाला नहरी पानी रोका, यहां पर फायरिंग के दौरान दो ग्रामीणों को गोली लगी। एक की मौके पर मौत, एक ने बाद में दम तोड़ा।
- इसी दिन जीटी रोड पर हल्दीराम, होटल पार्क ब्लू, जुरासिक पार्क, आईआईटीएम, टीडीआई मॉल, अंसल प्लाजा में तोड़फोड़ और लूटपाट
22 फरवरी - गन्नौर में खुबडू झाल पर नहरी पानी रोका, साथ में जीटी रोड पर लड़सौली के पास जाम लगाया। यहां जाम हटाने के दौरान फायरिंग में 10 को गोली लगी, चार ने दम तोड़ दिया था।
कब कितने मार्गों पर था जाम
तारीख जाम किए मार्गों की संख्या
15 फरवरी 2
16 फरवरी 5
17 फरवरी 37
18 फरवरी 49
19 फरवरी 42
20 फरवरी 47
21 फरवरी 48
22 फरवरी 13