जाटों की विभिन्न खापों, संघर्ष समितियों व संगठनों के प्रधानों ने शनिवार को खरखौदा में एकजुटता का परिचय दिया। अनाज मंडी स्थित एक प्रतिष्ठान में एकत्र हुए चौधरियों ने सकारात्मक सोच के साथ एक दिशा में चलने का संकल्प लिया।
दहिया खाप के प्रधान सुरेंद्र दहिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि संवादहीनता टूटनी चाहिए। चाहे वह सरकार के साथ हो या फिर जाट युवा वर्ग के साथ। जेलों में बंद युवकों को रिहा कराने के लिए मुख्यमंत्री मनोहरलाल व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु से जल्द ही मुलाकात की जाएगी। सरकार से इस बात का आग्रह किया जाएगा कि प्रशासनिक अधिकारी जाटों को जातीय प्रमाण पत्र जारी करें, ताकि आरक्षण का लाभ मिल सके। केंद्र में जाट आरक्षण के लिए फिलहाल कोई आंदोलन नहीं किया जाएगा और संसद के मानसून सत्र तक इंतजार किया जाएगा। बैठक में टेकराम कंडेला, सज्जन नम्बरदार, ईश्वर सिंह उझाना, धर्मपाल छौत, बलबीर सिंह, आजाद सिंह पंवार, रोहताश, हवासिंह सांगवान, महेंद्र सिंह नांदल, रणधीर सिंह सरोहा, राजेंद्र सिंह, धारा सिंह मलिक, संजय कालीरमन, हरदीप सिंह अहलावत, राजसिंह डीघल, राजेश भैंसवाल, नरेन्द्र, रघुवीर सिंह बूरा, सुबे सिंह समैन, ओम प्रकाश सिवाच, संदीप पूनिया आदि ने हिस्सा लिया।