जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो चुका है। एक दिन पहले ही जहां अर्ध सैनिक बलों की 3 टुकड़ियां आई थीं। वहीं सोमवार को अर्धसैनिक बलों की दो और कंपनी आ गई हैं। इधर, गोहाना प्रशासन ने अर्द्धसैनिक बलों की छह और कंपनियां मांगी हैं। उधर, धारा-144 के तहत पेट्रोलियम पदार्थों के खुले में बेचने पर रोक लगा दी गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से 29 जुलाई 2016 तक लागू रहेंगे। इसके अलावा मंडलायुक्त ने भी सोमवार को जिले के अधिकारियों के बैठक लेकर उचित दिशानिर्देश दिए हैं। आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद है। दंगा निरोधक दस्तों की ड्यूटी लगाई जा चुकी है। खास बात यह है कि इस बार अधिकारी गांव स्तर पर जाकर ग्रामीणों से बातचीत कर रहे हैं तथा किसी भी तरह की अप्रिय घटना होने की स्थिति में ग्रामीणों को उसके नुकसान बता रहे हैं।
मंडलायुक्त ने कहा, अपने दायित्व का निर्वहन करें अधिकारी
जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा 5 जून को दिए गए आंदोलन के अल्टीमेटम के मद्देनजर रोहतक मंडल के आयुक्त चंद्र प्रकाश ने सोमवार को कानून व्यवस्था का जायजा लिया। लघु सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में उन्होंने उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग और डीआईजी एवं पुलिस अधीक्षक सोनीपत एचएस दून के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इस दौरान मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने दायित्व का निर्वहन करने निर्देश दिए और कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथों में लेने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त शिवप्रसाद शर्मा, नगराधीश सुरेंद्र सिंह मौजूद थे।
इन जगहों पर रहेगी विशेष नजर
आंदोलन का सबसे ज्यादा असर नया बस स्टैंड, फौव्वारा चौक, रोहतक गेट से बरोदा चौक, महावीर चौक और पुराना बस स्टैंड पर दिखाई दिया था। यहां उपद्रवियों ने जमकर लूटपाट की और बाद में दुकानों को आग के हवाले कर दिया था। प्रशासन की आगामी रणनीति में इन जगहों पर विशेष फोकस करने का निर्देश दिया गया है।
इन गांवों में पहुंचे एसडीएम और डीएसपी
उपद्रवियों से निपटने के बीच प्रशासन गांव-गांव जाकर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील पर भी काम कर रहा है। इसी के तहत सोमवार को एसडीएम अजय कुमार और डीएसपी राजेश कुमार ने मुंडलाना, चिड़ाना, सरसाढ़, जवाहरा, बुसाना, ढुराना, भादौटी खास, खानपुर कलां, गामड़ी, शामड़ी सिसान, शामड़ी बुरान व लोहचब, ककाणा, भंडेरी, सरगथल, कासंडा, कासंडी, रूखी, भैंसवाल कलां, रभड़ा समेत अनेक गांवों का दौरा किया। साथ में अफवाहों पर यकीन न करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
क्या बोले डीएसपी
डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि गांव-गांव जाकर ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। उनके साथ एसडीएम अजय कुमार भी ग्रामीणों को शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। इसके अलावा किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पुलिसकर्मियों का होमवर्क शुरू करा दिया गया है। आंदोलन केे लिए अर्द्धसैनिक बलों की छह अतिरिक्त कंपनी मांगी गई है।