तकरीबन चार साल पहले युवक की घर बुलाकर हत्या करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. एसके गर्ग की अदालत ने छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों में एक महिला भी है। सभी दोषी एक ही परिवार के सदस्य हैं। अदालत ने सभी दोषियों पर 18-18 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में दोषियों को 1-1 साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
16 अगस्त 2012 को रणवीर निवासी गांव अटायल ने थाना गन्नौर पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में उसने बताया कि 15 अगस्त को उसका भतीजा विनोद अपनी फसल में सिंचाई करने गया था। देर शाम जब वह साइकिल से घर लौट रहा था तो पड़ोस में रहने वाली चंद्रो ने उसे आवाज देकर घर बुलाया। विनोद जब चंद्रो के घर पहुंचा तो चंद्रों तथा परिवार के अन्य सदस्यों ने विनोद पर हमला कर दिया। हमले में विनोद बुरी तरह से घायल हो गया। ग्रामीणों को पता चला तो विनोद को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बाद में उसने दम तोड़ दिया। इधर, आरोपी राजू, अनिल, रतना, श्यामा, चंद्रो, रामदास फरार हो गए। शिकायत पर चंद्रो, उसके बेटे रामदास, रतना तथा भाई श्यामा और भतीजे राजू और अनिल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में सुनवाई करते हुए डॉ. एसके गर्ग की अदालत ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
एक दिन पहले भी हुई थी कहासुनी
शिकायत में रणवीर ने बताया कि एक दिन पहले भी विनोद और चंद्रों पक्ष के लोगों के बीच कहासुनी हुई थी। जिसे ग्रामीणों ने मौके पर बीचबचाव कर छुड़वा दिया था। आरोप लगाया था कि चंद्रों और उसका परिवार विनोद के साथ पहले से ही रंजिश रखे थे। इसी रंजिश के चलते परिवार ने उसकी हत्या की।