माहरा गांव में पुरानी रंजिश के चलते 2004 में चार सगे भाइयों ने हत्या के मामले में पैरोल पर आए दो युवकों की हत्या कर दी। दो भाइयों को पहले 10-10 साल की सजा हो चुकी है। गिरफ्तारी से बचकर उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर में रहने वाले मधाराम और जयप्रकाश को अदालत ने गुरुवार को दोषी मानते हुए उम्रकैद और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
गांव माहरा निवासी विनोद ने 9 जुलाई, 2004 को थाना मोहाना में शिकायत दी थी कि वह अपने भाई कृष्ण और सोनू के साथ खेतों में गया था। उसी दौरान वहां उसका चाचा रामनिवास और पिता महावीर पहले से मौजूद थे। थोड़ी देर बाद वह अपने भाई कृष्ण और सोनू के साथ दूसरे खेत में चला गया। इसी बीच गांव निवासी मधाराम, अपने भाई आनंद स्वरूप, जगदीश और जयप्रकाश के साथ ट्रैक्टर से उनके पास आए थे। चारों ने विनोद और कृष्ण को बुरी तरह से घायल कर दिया जबकि सोनू मौके से भाग निकला। कृष्ण की मौके पर मौत हो गई थी। बाद में विनोद के परिजन आने पर हमलावर फरार हो गए थे। पुलिस ने विनोद के बयान पर चारों भाइयों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। हमले में घायल विनोद ने भी 10 जुलाई, 2004 को दम तोड़ दिया था।
हत्या का बदला लेने के लिए दिया गया दोहरा हत्याकांड अंजाम
पुलिस के मुताबिक जांच में पता चला था कि मधाराम के भाई दिलबाग की हत्या हो गई थी, जिसमें दूसरे पक्ष की ओर से विनोद, कृष्ण, कृष्ण का चाचा रामनिवास व उनके पक्ष के गंगा स्वरूप और सतीश को नामजद किया गया था। कोर्ट ने पांचों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जून, 2004 को विनोद व कृष्ण डेढ़ माह की पैरोल पर जेल से बाहर आए थे। इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई। विनोद व कृष्ण की हत्या के मामले में कोर्ट ने मधाराम के भाई आनंद स्वरूप व जगदीश को 10-10 साल की सजा सुनाई थी, लेकिन मधाराम व जयप्रकाश के खिलाफ अभी केस चल रहा था। दोनों अब सजा सुनाई गई है।
गांव छोड़कर यूपी में जाकर बस गए थे दोषी, 9 साल बाद आए गिरफ्त में
पुलिस के मुताबिक विनोद व कृष्ण की हत्या करने के बाद मधाराम व जयप्रकाश उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में रहने लगे थे। उन्हें हत्या के मामले में 12 सितंबर, 2004 को पीओ घोषित किया गया था। बाद में पुलिस ने दोनों आरोपियों को 30 अप्रैल, 2013 में मुजफ्फरनगर से काबू किया था। पुलिस ने उनके कमरे से वारदात में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किए थे। मामले मे अदालत ने मधाराम व जयप्रकाश को भी दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें उम्रकैद व एक-एक लाख रुपये जुर्माना किया।