छापामार कार्रवाई करने शिक्षा विभाग के कार्यालय पहुंची विद्युत निगम की टीम।
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विद्यार्थियों को शिक्षित करने व ईमानदारी की नसीहत देने वाला शिक्षा विभाग खुद ही सरकार को चूना लगा रहा है। खंड शिक्षा विभाग कार्यालय विद्युत का बिल तो चुका नहीं रहा और अब बिजली के तार डायरेक्ट जोड़कर सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ा रहा है। इस बारे में विद्युत निगम के अधिकारी कई बार खंड शिक्षा अधिकार उर्मिल ग्रेवाल व खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी विद्योत्मा देवी से बिजली का बिल भरने के लिए और बिजली चोरी न करने के लिए आग्रह करता रहा, लेकिन दोनों अधिकारियों के कानो में जूं नहीं रेंगी। इस पर शुक्रवार को विद्युत निगम के एसडीओ आदर्श कुमार की टीम ने खंड शिक्षा अधिकारी व खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर छापा मारा। इस दौरान दोनो ही कार्यालयों में बिजली चोरी से चलती पाई गई।
एसडीओ ने बताया कि शिक्षा विभाग ने पहले भी बिजली का बिल 73 हजार रुपये जमा नहीं कराया था जिसके चलते निगम ने दोनो कार्यालयों के बिजली के कनेक्षन काट दिए थे। उन्होंने बताया कि उसके बाद दोनों ही कार्यालयों ने बिजली का बकाया बिल जमा करवाने की बजाय डायरेक्ट जोड़ कर बिजली को चलाना शुरू कर दिया। एसडीओ ने बताया कि आज विभाग के कार्यालय पर छापा मारा गया तो दोनो ही जगह बिजली डायरेक्ट चलती पाई गई। उन्होंने बताया कि सभी उपकरणों का हिसाब लगाया जा रहा है और जितना किलोवाट लोड होगा उसी हिसाब से उन पर जुर्माना किया जाएगा।
तीन जगहों पर की छापामारी
विद्युत निगम की टीम ने शिक्षा विभाग में छापा मारने के अलावा तीन अन्य जगहों पर भी छापामारी कर बिजली चोरी को पकड़ा। जेई नरेश कुमार ने बताया कि टीम ने रेलवे रोड पर एक व गांधी नगर में दो उपभोक्ताओं को डायरेक्ट बिजली चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। फिलहाल बिजली का लोड चैक किया जा रहा है, लोड के आधार पर ही जुर्माना लगाया जाएगा।