हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य ने प्लॉट के बीच से रास्ता निकालने के लिए हुए विवाद में पिता-पुत्र की हत्या करने के दोषी ठेकेदार और उसके सगे भाई को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 2.60 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि में से पांच लाख रुपये पीड़ित पक्ष को दिए जाएंगे।
मूलरूप से गांव आंवली फिलहाल गोहाना के विष्णु नगर निवासी विकास ने 19 मार्च, 2018 को सदर थाना सोनीपत पुलिस का बताया था कि उनका सेक्टर-15 के पास एक प्लॉट है। जिसकी उन्होंने चहारदीवारी कर रखी है। 18 मार्च, 2018 की शाम को वह अपने पिता सेवानिवृत्त फौजी नरेंद्र मलिक (60) के साथ प्लॉट पर गया था।
वहां पर उन्होंने देखा कि गांव राजलुगढ़ी निवासी ठेकेदार कृष्ण राठी व अन्य उनके प्लॉट के बीच से सड़क बना रहे थे। उन्होंने वहां मौजूद कृष्ण ठेकेदार से ऐसा करने से मना किया तो वह भड़क गया। उसने कहा कि प्लॉट टीडीआई की जमीन में है। रास्ता यहीं से निकलेगा। उन्होंने प्रशासन से मामले की शिकायत करने की बात कही।
जिसके बाद 19 मार्च, 2018 को वह, अपने पिता नरेंद्र मलिक व भाई विक्रम (23) के साथ प्लॉट पर गया तो देखा कि कृष्ण ठेकेदार व एक अन्य उनके प्लॉट की चहारदीवारी तोड़ रहे थे। उन्होंने विरोध किया तो कृष्ण व अन्य ने गाली देने लगे। ऐसा करने से रोका तो कृष्ण ठेकेदार व एक अन्य ने उनके भाई विक्रम के सीने व माथे पर गोली मार दी।
वहीं उन पर व उनके पिता पर भी गोली चलाई गई। वह कैलाशपुर की तरफ भाग गया। उनके पिता को भी गोली मार दी गई थी। कुछ देर बाद लौटकर आया तो उसने अपने पिता को मृत पाया। भाई जिंदा था। वह उसे बहालगढ़ रोड स्थित अस्पताल लेकर गया, जहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। दिल्ली में उपचार के दौरान उनके भाई की मौत हो गई थी।
पुलिस ने विकास के बयान पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दलबीर दांगी की टीम ने आरोपी कृष्ण ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उसके भाई राजकुमार राठी को पकड़ लिया गया था। दोनों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया था।
एएसजे डॉ. संजीव आर्य ने मामले में सुनवाई करते हुए कृष्ण ठेकेदार व उसके भाई राजकुमार को भादंसं की धारा 302 में आजीवन कारावास व ढाई-ढाई लाख रुपये जुर्माना तथा शस्त्र अधिनियम में तीन साल कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से पांच लाख रुपये पीड़ित पक्ष को देने के आदेश दिए हैं।