खरखौदा रोड स्थित महिपुर गांव की 155 कैनाल जमीन के इंतकाल को लेकर फर्जीवाड़ा किया गया है। आरोप है कि तत्कालीन पटवारी सतीश कुमार ने उस समय के नायब तहसीलदार सुशील कुमार के खुद ही हस्ताक्षर कर लिए। मामला पकड़ में आने पर नायब तहसीलदार ने डीसी को शिकायत की। डीसी ने जांच करवाने के बाद अब पटवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है। साथ ही इंतकाल को रोक दिया है।
तत्कालीन नायब तहसीलदार सुशील कुमार, अब तहसीलदार सोहना ने बताया कि 2011 में उनकी पोस्टिंग सोनीपत में रही। हर साल बाद जमीन का इंतकाल चढ़ाया जाता है। पांच साल बाद जब महिपुर की 155 कैनाल जमीन के इंतकाल की फाइल उनके पास पहुंची तो उस पर उनके नाम के फर्जी हस्ताक्षर मिले। उसने तुरंत आगे इंतकाल चढ़ाने से न केवल रोक दिया, बल्कि जनवरी 2016 में डीसी को शिकायत की। डीसी ने मामले की जांच करवाने के बाद पुलिस प्रशासन को आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी। डीएसपी ने मामले की जांच की और उन्हें बयान देने के लिए बुलाया। उन्होंने बयान दिए कि यह हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। अब मामले में एफआईआर हुई है।